यूपी विधानसभा में शिक्षामित्रों को 5 लाख तक कैशलेस इलाज की मंजूरी

हाइलाइट्स:

  • UP Vidhan Sabha Budget Session 2026 में शिक्षामित्रों का मुद्दा प्रमुखता से उठा
  • बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने मानदेय पर दिया जवाब
  • 5 लाख रुपये तक कैशलेस चिकित्सा सुविधा मंजूर
  • ग्राम पंचायतों में तैनाती का आदेश जारी
  • बिजली और गांधी आश्रम जमीन मुद्दे पर भी गरमाया सदन

लखनऊ। UP Budget Session 2026 के दौरान उत्तर प्रदेश विधानसभा में शिक्षामित्रों के मानदेय, कैशलेस चिकित्सा सुविधा और ग्राम पंचायतों में तैनाती का मुद्दा प्रमुखता से उठा। बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह ने सदन में जवाब देते हुए कहा कि शिक्षामित्र बेसिक शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और सरकार उनके हितों के प्रति संवेदनशील है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 से पहले शिक्षामित्रों का मानदेय 3500 रुपये था, जिसे बढ़ाकर 10,000 रुपये किया गया। सरकार भविष्य में भी उनके हित में निर्णय लेगी।

कैशलेस चिकित्सा सुविधा और तैनाती

मंत्री ने बताया कि शिक्षामित्रों, शिक्षकों और अनुदेशकों के लिए 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा को मंजूरी दे दी गई है। ग्राम पंचायतों में तैनाती के संबंध में आदेश जारी किए जा चुके हैं और एसआईआर का कार्य पूरा होते ही प्रक्रिया लागू होगी।

विपक्ष का हंगामा

बजट सत्र के दौरान विपक्ष ने बिजली आपूर्ति, मुफ्त बिजली और गांधी आश्रम की जमीन जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा। ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा और सपा नेता शिवपाल सिंह यादव के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।

नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने मेरठ में गांधी आश्रम की जमीन पर कब्जे का मुद्दा उठाया। वहीं वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि सरकार कानूनी राय लेकर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पर विचार कर रही है।

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