Iran Israel War Latest News: “Iran और Israel के बीच जारी जंग के बीच Sri Lanka ने अपने बंदरगाह पर ईरानी जहाज को रुकने की अनुमति नहीं दी। वहीं United States ने अब तक 20 ईरानी वॉरशिप डुबोने का दावा किया है।“
हाइलाइट्स:
- श्रीलंका ने ईरानी जहाज को बंदरगाह में रुकने की अनुमति नहीं दी
- जहाज कोलंबो से करीब 30 किमी दक्षिण समुद्र में खड़ा
- अमेरिका ने 6 दिनों में 20 ईरानी वॉरशिप डुबोने का दावा किया
- अल जजीरा के अनुसार ईरान पर 5000 से ज्यादा बम गिराए गए
- भारत के विशाखापट्टनम में इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में शामिल हुआ था ईरानी जहाज
तेल अवीव/तेहरान: Israel-Iran युद्ध के छठे दिन हालात और गंभीर हो गए हैं। इस बीच Sri Lanka ने अपने समुद्री क्षेत्र में मौजूद एक ईरानी जहाज को बंदरगाह पर रुकने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार यह जहाज राजधानी Colombo से लगभग 30 किलोमीटर दक्षिण समुद्र में खड़ा है। जहाज ने बुधवार को बंदरगाह में रुकने की अनुमति मांगी थी, लेकिन सुरक्षा कारणों से सरकार ने उसकी मांग अस्वीकार कर दी। हालांकि मानवीय आधार पर जहाज को कुछ मदद भेजी जा रही है।
अमेरिका ने 20 ईरानी वॉरशिप डुबोने का दावा
इसी बीच United States ने दावा किया है कि पिछले छह दिनों में उसने ईरान के 20 युद्धपोत (Warships) को समुद्र में डुबो दिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी और इजरायली हमलों में अब तक ईरान में 5000 से ज्यादा बम गिराए गए हैं। इन हमलों में 1000 से अधिक लोगों की मौत की खबर है।
मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ठिकानों पर ईरान का पलटवार
ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए मिडिल ईस्ट के 9 देशों में बने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इससे पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
भारत से लौट रहा था ईरानी युद्धपोत
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने बुधवार को श्रीलंका के पास अंतरराष्ट्रीय समुद्र में ईरान के युद्धपोत IRIS Dena पर हमला कर उसे डुबो दिया था।
श्रीलंका की नौसेना के अनुसार इस घटना में अब तक 87 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 32 लोगों को बचाया गया है और करीब 60 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
भारत में हुआ था नौसैनिक अभ्यास
यह युद्धपोत 18 फरवरी को भारत के Visakhapatnam में आयोजित International Fleet Review 2026 और MILAN 2026 Naval Exercise में हिस्सा लेने आया था। 25 फरवरी को यह भारत से रवाना हुआ था।
जब जहाज पर हमला हुआ, तब वह दक्षिणी श्रीलंका के Galle से लगभग 40 समुद्री मील दूर था।
विशेषज्ञों के अनुसार, द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह पहली बार है जब अमेरिकी नौसेना की पनडुब्बी से दागे गए टॉरपीडो ने किसी जहाज को युद्ध में निशाना बनाया है।
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