
राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़ नेटवर्क खीरी : कांग्रेस प्रवक्ता रवि तिवारी ने भारत की तेल खरीद नीति में अमेरिका के कथित हस्तक्षेप को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि विगत 11 फरवरी को संसद में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा था कि अमेरिका भारत को यह बता रहा है कि उसे कहां से तेल खरीदना है और कहां से नहीं। अब मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए उनकी चेतावनी सच साबित होती नजर आ रही है। रवि तिवारी ने कहा कि अमेरिका द्वारा भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए एक महीने की अस्थायी छूट देने की बात सामने आ रही है, जो कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि आखिर अमेरिका कौन होता है जो भारत की तेल खरीद नीति और व्यापारिक निर्णयों को तय करे। भारत किस देश से तेल खरीदेगा या नहीं खरीदेगा, इसका फैसला भारत की जरूरतों के अनुसार होना चाहिए, न कि किसी अन्य देश की इच्छा के अनुसार। उन्होंने कहा कि भारत के हित और स्वाभिमान से जुड़ा यह एक गंभीर विषय है और देश जानना चाहता है कि देश की ऊर्जा नीति भारत तय करेगा या कोई बाहरी शक्ति। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 70 वर्षों में ऐसी स्थिति कभी देखने को नहीं मिली और सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर ऐसी कौन सी मजबूरी है जो देश से छिपाई जा रही है। इसके साथ ही कांग्रेस प्रवक्ता ने घरेलू रसोई गैस के दामों में बढ़ोतरी को लेकर भी केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि आम आदमी पहले से ही महंगाई की मार झेल रहा है, ऐसे में सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में 60 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी कर जनता की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। तिवारी ने यह भी कहा कि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में भी 115 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जो 7 मार्च से लागू हो चुकी है। इससे आम लोगों के साथ-साथ छोटे व्यापारियों पर भी सीधा असर पड़ेगा और महंगाई बढ़ने की आशंका है। उन्होंने आरोप लगाया कि डबल इंजन की भाजपा सरकार पूरी तरह विफल हो चुकी है और उसके पास न तो स्पष्ट नीति है और न ही जनता के हित में कोई ठोस नियत।









