“ईरान भारतीय एडवाइजरी के तहत भारत सरकार ने अपने नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी है। जानें पश्चिम एशिया तनाव के बीच क्या हैं निर्देश और कितने भारतीय अभी वहां मौजूद हैं।”
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अनिश्चित हालात के बीच भारत सरकार ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों के लिए नई एडवाइजरी जारी करते हुए उन्हें तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी है।
भारत का विदेश मंत्रालय और तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने बुधवार को जारी निर्देश में कहा कि सभी भारतीय नागरिक जल्द से जल्द सुरक्षित तरीके से ईरान से बाहर निकलने की योजना बनाएं। दूतावास ने यह भी स्पष्ट किया कि यात्रा के दौरान केवल सुझाए गए सुरक्षित मार्गों का ही उपयोग किया जाए।
दूतावास ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि बिना पूर्व अनुमति और समन्वय के किसी भी अंतरराष्ट्रीय सीमा की ओर जाने की कोशिश न करें। हर भारतीय को दूतावास के संपर्क में रहकर ही आगे की यात्रा करनी होगी। इसके साथ ही कई इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर और ईमेल भी जारी किए गए हैं, ताकि संकट की स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके।
इससे पहले हालात को देखते हुए भारतीय नागरिकों को 48 घंटे तक सुरक्षित स्थानों पर ही रहने की सलाह दी गई थी, लेकिन बदलती परिस्थितियों और संभावित जोखिम को देखते हुए अब सरकार ने रणनीति बदलते हुए तत्काल निकासी पर जोर दिया है।
गौरतलब है कि हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर समयसीमा के भीतर कदम नहीं उठाए, तो सैन्य कार्रवाई हो सकती है। इसके बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया था।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के समय ईरान में करीब 9,000 भारतीय मौजूद थे, जिनमें छात्र, कामगार और विभिन्न पेशेवर शामिल थे। अब तक लगभग 1,800 भारतीय सुरक्षित भारत लौट चुके हैं, जबकि शेष लोगों को निकालने की प्रक्रिया जारी है।
हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा की गई है, लेकिन स्थिति अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं मानी जा रही। यही वजह है कि भारत सरकार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती और अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
सरकार ने सभी भारतीयों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें।
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