“रुचि वीरा RSS बयान पर सियासत गरमा गई है। मुरादाबाद से सपा सांसद ने RSS को ‘नासूर’ बताते हुए प्रतिबंध की मांग की और चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाए।“
मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से समाजवादी पार्टी की सांसद रुचि वीरा के एक विवादित बयान ने सियासी हलचल तेज कर दी है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को देश के लिए “नासूर” बताते हुए उस पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर दी।
सिविल लाइंस स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत के दौरान रुचि वीरा ने आरोप लगाया कि RSS की नीतियां देश में सामाजिक सद्भाव को कमजोर कर रही हैं। उन्होंने कहा कि संगठन से जुड़े लोग भड़काऊ बयान देते हैं, जिससे समाज में तनाव बढ़ता है और इसका असर देश की एकता पर पड़ता है।
सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि RSS से जुड़े कार्यक्रमों और आयोजनों में जनता के धन का दुरुपयोग हो रहा है। उनके मुताबिक, करोड़ों रुपये रैलियों और सभाओं पर खर्च किए जा रहे हैं, जबकि इन संसाधनों का उपयोग स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के विकास में किया जाना चाहिए।
रुचि वीरा ने असम से जुड़े एक कथित पासपोर्ट मामले का जिक्र करते हुए भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर एक मामले में कार्रवाई हो सकती है, तो दूसरे मामलों में निष्पक्ष जांच क्यों नहीं हो रही।
इसके साथ ही उन्होंने भारतीय निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े किए। उनका आरोप है कि चुनाव के दौरान आयोग की भूमिका निष्पक्ष नहीं दिख रही, जो लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है।
सांसद के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक तूल पकड़ सकता है, क्योंकि सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच पहले से ही बयानबाजी का दौर तेज है।
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