यूपी में विकसित होंगे बुनकर क्लस्टर, डिजाइन से ब्रांडिंग तक सुविधाएं एक ही छत के नीचे

योगी आदित्यनाथ का बड़ा फैसला—बुनकरों की आय बढ़ाने और बाजार से जोड़ने के लिए क्लस्टर आधारित नई कार्ययोजना

यूपी में बुनकरों के लिए क्लस्टर आधारित नई योजना, डिजाइन, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग की सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बुनकरों को सशक्त बनाने और उनकी आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में बुनकर बहुल क्षेत्रों में आधुनिक “बुनकर क्लस्टर” विकसित किए जाएं, जहां डिजाइन, उत्पादन, ब्रांडिंग और पैकेजिंग जैसी सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हों।

क्लस्टर मॉडल से बदलेगी बुनकरों की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बुनकर केवल परंपरा के वाहक नहीं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार हैं। ऐसे में उनकी आय, सम्मान और आजीविका को सुरक्षित करना सरकार की प्राथमिकता है।

नई योजना के तहत क्लस्टर को “पूर्ण वैल्यू चेन” के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे उत्पादन से लेकर बाजार तक की पूरी प्रक्रिया एकीकृत हो सके।

इन चुनौतियों का होगा समाधान
सरकार ने माना कि वर्तमान में बुनकरों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है—

  • कच्चे माल की बढ़ती लागत
  • आधुनिक तकनीक और डिजाइन की कमी
  • सीमित बाजार पहुंच

क्लस्टर मॉडल के जरिए इन सभी समस्याओं का समन्वित समाधान किया जाएगा।

प्रदेश में 1.99 लाख बुनकर, निर्यात में भी योगदान
हथकरघा विभाग की समीक्षा में बताया गया कि प्रदेश में लगभग 1.99 लाख बुनकर कार्यरत हैं और उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र में देश में छठवें स्थान पर है।

वर्ष 2024-25 में देश के कुल हथकरघा निर्यात ₹1178.93 करोड़ रहा, जिसमें उत्तर प्रदेश का योगदान ₹109.40 करोड़ (करीब 9.27%) है। कालीन, दरी, मैट, बेडशीट और फर्निशिंग उत्पादों में प्रदेश की मजबूत पकड़ है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म और ई-कॉमर्स पर जोर
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बुनकरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म और ई-कॉमर्स से जोड़ा जाए, ताकि वे सीधे ग्राहकों तक पहुंच सकें।

इसके साथ ही ‘डिजाइनर-कम-मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव’ और ‘डिजाइन हाउस/एक्सपोर्ट एजेंसी’ जैसे तंत्र विकसित किए जाएंगे, जिससे उत्पादों की गुणवत्ता और बाजार प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।

बिजली लागत घटाने और सौर ऊर्जा पर फोकस
पावरलूम बुनकरों की बिजली लागत कम करने के लिए विशेष योजना बनाई जाएगी। साथ ही सौर ऊर्जा को बढ़ावा देकर दीर्घकालिक राहत देने पर भी जोर दिया गया है।

सरकार की यह पहल बुनकरों को पारंपरिक कारीगरी से आधुनिक बाजार से जोड़ने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। क्लस्टर आधारित मॉडल से न केवल उत्पादन और गुणवत्ता बढ़ेगी, बल्कि बुनकरों की आय और रोजगार के अवसर भी मजबूत होंगे।

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