“उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से 2.04 करोड़ नाम हटने के मुद्दे पर कांग्रेस जांच करेगी। लखनऊ में अधिवक्ता सम्मेलन के दौरान सलमान खुर्शीद ने उठाए सवाल।“
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में कांग्रेस ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद मतदाता सूची से करीब 2.04 करोड़ नाम हटाए जाने के मुद्दे की जांच करने का फैसला किया है। पार्टी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश स्तर पर पड़ताल की तैयारी में जुट गई है।
लखनऊ के कैसरबाग स्थित गांधी भवन में आयोजित प्रदेश स्तरीय अधिवक्ता सम्मेलन के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री Salman Khurshid ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में भी वही हुआ होगा जो अन्य राज्यों में देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि चूंकि यूपी में अभी चुनाव नहीं हैं, इसलिए यहां जांच के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध है, जबकि अन्य राज्यों में यह अवसर नहीं मिल पाया।
कांग्रेस ने शनिवार को Jyotiba Phule की जयंती के अवसर पर लखनऊ में दो बड़े कार्यक्रम आयोजित किए। पहला कार्यक्रम गांधी भवन में अधिवक्ता सम्मेलन के रूप में हुआ, जबकि दूसरा इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में “वैज्ञानिक जाति जनगणना दिवस” के तौर पर मनाया गया।
इस अवसर पर पार्टी ने सामाजिक न्याय, जातीय जनगणना और ओबीसी अधिकारों के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। कांग्रेस के ओबीसी विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम को आगामी चुनावों से पहले सामाजिक समीकरण मजबूत करने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है।
वहीं, राज्यसभा सांसद Pramod Tiwari ने कार्यक्रम के बाद केंद्रीय गृह मंत्री पर निशाना साधते हुए महिलाओं के मुद्दे पर भाजपा की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा की सोच महिला विरोधी है और वह समान अवसर की बात नहीं करती।
इसके अलावा, Salman Khurshid ने पश्चिम एशिया में जारी घटनाक्रम पर भी टिप्पणी करते हुए पाकिस्तान में हो रही मध्यस्थता को भारत की कूटनीतिक विफलता बताया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस द्वारा वोटर लिस्ट के मुद्दे को उठाना और जातीय जनगणना जैसे विषयों पर जोर देना, आगामी विधानसभा चुनाव से पहले अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर प्रदेश की राजनीति और गर्म होने की संभावना है।
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