“Yogi Adityanath Cabinet Expansion 2026: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार 2.0 का दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार आज जन भवन में होगा। भूपेंद्र चौधरी, मनोज पांडेय, कृष्णा पासवान समेत 8 मंत्री शपथ लेंगे। जानें पूरी सूची, जातीय समीकरण और मिशन 2027 की रणनीति।“
लखनऊ। Yogi Adityanath सरकार 2.0 का दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार रविवार को जन भवन में आयोजित किया जाएगा। दोपहर 3:30 बजे होने वाले इस समारोह में राज्यपाल Anandiben Patel आठ विधायकों को मंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगी।

इस विस्तार की सबसे खास बात यह है कि बिना किसी मंत्री को हटाए आठ नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह दी जा रही है। इनमें छह नए मंत्री शामिल होंगे, जबकि दो मौजूदा राज्यमंत्रियों को पदोन्नति देकर राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया जा रहा है।
वर्तमान मंत्रिमंडल की स्थिति
योगी सरकार 2.0 में अभी मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्रियों समेत कुल 54 मंत्री हैं। इनमें 21 कैबिनेट मंत्री, 14 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 18 राज्य मंत्री शामिल हैं। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार उत्तर प्रदेश में अधिकतम 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं।
ऐसे में इस विस्तार के जरिए भाजपा शेष रिक्त पदों को भरते हुए जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधने की रणनीति पर काम कर रही है।
इन आठ नेताओं को दिलाई जाएगी मंत्री पद की शपथ
1. भूपेंद्र सिंह चौधरी

भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष Bhupendra Singh Chaudhary कैबिनेट मंत्री पद की शपथ लेंगे। वह योगी सरकार के पहले कार्यकाल (2017-2022) में पंचायती राज मंत्री रह चुके हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट समुदाय के बड़े चेहरे के रूप में उनकी पहचान है।
2. मनोज कुमार पांडेय

रायबरेली के ऊंचाहार से विधायक Manoj Kumar Pandey को भी कैबिनेट मंत्री बनाया जा रहा है। समाजवादी पार्टी से बगावत कर भाजपा के करीब आए मनोज पांडेय अखिलेश यादव सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं। ब्राह्मण चेहरे के रूप में उनका शामिल होना राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
3. कैलाश सिंह राजपूत

कन्नौज की तिर्वा सीट से विधायक Kailash Singh Rajput पहली बार मंत्री पद की शपथ लेंगे। भाजपा उन्हें मध्य यूपी और राजपूत वोट बैंक के प्रतिनिधि चेहरे के रूप में देख रही है।
4. हंसराज विश्वकर्मा

वाराणसी से विधान परिषद सदस्य और भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष Hansraj Vishwakarma को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा रहा है। अति पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधि के तौर पर उनका चयन पूर्वांचल की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
5. सुरेंद्र दिलेर

अलीगढ़ की खैर सीट से भाजपा विधायक Surendra Diler भी मंत्री पद की शपथ लेंगे। पश्चिमी यूपी में दलित समीकरण को मजबूत करने के लिहाज से उनका नाम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
6. कृष्णा पासवान

फतेहपुर की खागा सीट से भाजपा विधायक Krishna Paswan को भी मंत्रिमंडल में जगह मिली है। अनुसूचित जाति और महिला प्रतिनिधित्व को संतुलित करने की रणनीति के तहत उन्हें शामिल किया जा रहा है।
दो मंत्रियों को मिला प्रमोशन
डॉ. सोमेंद्र तोमर

मेरठ दक्षिण सीट से भाजपा विधायक Dr. Somendra Tomar वर्तमान में ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग में राज्य मंत्री हैं। अब उन्हें पदोन्नत कर राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया जा रहा है। पश्चिमी यूपी में उनका मजबूत संगठनात्मक प्रभाव माना जाता है।
अजीत पाल
कानपुर देहात की सिकंदरा सीट से विधायक Ajit Pal वर्तमान में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में राज्य मंत्री हैं। अब उन्हें भी स्वतंत्र प्रभार का दर्जा दिया जाएगा।
दो वर्ष बाद हुआ दूसरा विस्तार
योगी सरकार 2.0 का पहला मंत्रिमंडल विस्तार 5 मार्च 2024 को लोकसभा चुनाव से पहले हुआ था। उस समय सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए चार नए कैबिनेट मंत्रियों को शामिल किया गया था।
इनमें Om Prakash Rajbhar, Dara Singh Chauhan, Anil Kumar और Sunil Kumar Sharma को मंत्री बनाया गया था।
हालांकि बाद में Jitin Prasada केंद्र सरकार में मंत्री बन गए, जिससे कैबिनेट मंत्रियों की संख्या घटकर 21 रह गई।
जातीय समीकरण साधने की बड़ी तैयारी
भाजपा 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सामाजिक समीकरण मजबूत करने की रणनीति पर तेजी से काम कर रही है। मौजूदा मंत्रिमंडल में पिछड़ा वर्ग, दलित, ब्राह्मण, राजपूत और वैश्य समुदाय को प्रतिनिधित्व दिया गया है।
सरकार बनने के समय पिछड़ा वर्ग के 20, दलित वर्ग के 8, ब्राह्मण समुदाय के 7, राजपूत समाज के 6 और वैश्य वर्ग के 4 मंत्री बनाए गए थे। पहले विस्तार के बाद पिछड़ा वर्ग के मंत्रियों की संख्या बढ़कर 22 हो गई थी।
अब दूसरे विस्तार में भी भाजपा अति पिछड़ा, दलित, ब्राह्मण और क्षेत्रीय संतुलन को प्राथमिकता देती नजर आ रही है।
भाजपा विधायकों का जातीय गणित
उत्तर प्रदेश विधानसभा में भाजपा के 258 विधायक हैं। इनमें 84 ओबीसी, 59 अनुसूचित जाति, 45 राजपूत, 42 ब्राह्मण और 28 अन्य सवर्ण विधायक शामिल हैं।
विधान परिषद में भाजपा के 79 सदस्य हैं, जिनमें 26 ओबीसी, 23 राजपूत, 14 ब्राह्मण, 12 अन्य सवर्ण, दो एससी और दो मुस्लिम सदस्य शामिल हैं।
मिशन 2027 पर भाजपा की नजर
भाजपा अब 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों में पूरी तरह जुट चुकी है। माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए पार्टी विभिन्न जातीय समूहों और क्षेत्रों को राजनीतिक संदेश देना चाहती है।
यह विस्तार केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं बल्कि आगामी चुनावों की रणनीतिक तैयारी के रूप में भी देखा जा रहा है।
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