हार के बाद ममता के तेवर तीखे, बोलीं- दिल्ली से भाजपा सरकार को हटाकर रहेंगे

बंगाल में करारी शिकस्त के बाद कार्यकर्ताओं में जोश भरने की कोशिश, अभिषेक बनर्जी ने भी भाजपा और सुवेंदु अधिकारी पर साधा निशाना

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी ने भाजपा पर बड़ा हमला बोला। कालीघाट बैठक में कहा कि आने वाले समय में भाजपा को दिल्ली की सत्ता से बेदखल किया जाएगा। जानें TMC, अभिषेक बनर्जी और पश्चिम बंगाल की राजनीति से जुड़ी पूरी खबर।

कोलकाता/नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की करारी हार के बाद पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी पर बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। हार के बाद पहली बड़ी रणनीतिक बैठक में ममता बनर्जी ने दावा किया कि आने वाले समय में भाजपा को दिल्ली की सत्ता से बेदखल किया जाएगा।

कालीघाट स्थित आवास पर आयोजित बैठक में ममता बनर्जी ने पार्टी विधायकों और नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस की लड़ाई खत्म नहीं हुई है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संघर्ष जारी रखने और भाजपा के खिलाफ राजनीतिक अभियान को तेज करने का आह्वान किया।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, विधानसभा चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी अब विपक्षी राजनीति को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही हैं। पार्टी के भीतर भी कार्यकर्ताओं का मनोबल बनाए रखने के लिए लगातार बैठकों का दौर जारी है।

इस बार पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 207 सीटों पर जीत दर्ज की और 15 वर्षों से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका दिया। दूसरी ओर TMC सिर्फ 80 सीटों तक सिमट गई। चुनाव परिणामों के बाद राज्य की राजनीति में लगातार बयानबाज़ी तेज हो गई है।

बैठक के दौरान TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी भाजपा के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दबाव, जांच एजेंसियों की कार्रवाई और नोटिसों से वे डरने वाले नहीं हैं।

अभिषेक बनर्जी ने कहा कि भाजपा चाहे जितना दबाव बना ले, लेकिन उनकी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से भी मजबूती के साथ मैदान में डटे रहने की अपील की।

इसके अलावा अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की राजनीति में भ्रष्टाचार और राजनीतिक संरक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले लोकसभा चुनावों से पहले पश्चिम बंगाल की राजनीति और अधिक आक्रामक हो सकती है। भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच बयानबाज़ी का दौर अभी और तेज होने की संभावना है।

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