भीषण गर्मी से यूपी में बिजली संकट गहराया, कटौती के संकेत

29 हजार मेगावाट के पार पहुंची बिजली की खपत, मई-जून में बढ़ सकता है कटौती का संकट

यूपी में गर्मी ने बढ़ाई बिजली की टेंशन, 15 दिन में डेढ़ गुना पहुंची मांग

उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग 15 दिनों में डेढ़ गुना बढ़कर 29 हजार मेगावाट से अधिक पहुंच गई है। बिजली खपत 605 एमयू तक पहुंची। जानें यूपी में बिजली कटौती, पावर संकट और ऊर्जा विभाग की तैयारी पर पूरी रिपोर्ट।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी का असर अब बिजली व्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है। लगातार बढ़ते तापमान के कारण पिछले 15 दिनों में बिजली की अधिकतम मांग डेढ़ गुना तक बढ़ गई है। प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग 29 हजार मेगावाट के पार पहुंच चुकी है, जबकि रोजाना बिजली की खपत भी तेजी से बढ़ रही है।

ऊर्जा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, कुछ दिन पहले तक जहां प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 355 मिलियन यूनिट (एमयू) बिजली की खपत हो रही थी, वहीं अब यह बढ़कर करीब 605 एमयू तक पहुंच गई है। लगातार बढ़ती मांग के चलते आने वाले दिनों में प्रदेशवासियों को बिजली कटौती का सामना भी करना पड़ सकता है।

गर्मी बढ़ी तो बिजली की मांग भी उछली

मई की शुरुआत में बारिश और आंधी के कारण तापमान में कुछ गिरावट आई थी। उस दौरान बिजली की अधिकतम मांग घटकर करीब 20,260 मेगावाट रह गई थी, जबकि न्यूनतम मांग 10,571 मेगावाट तक पहुंच गई थी।

लेकिन बीते दो सप्ताह में तापमान में लगातार बढ़ोतरी के कारण बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है। अब स्थिति यह है कि सुबह सात बजे भी बिजली की मांग 20 हजार मेगावाट से नीचे नहीं आ रही। विभागीय अधिकारियों का अनुमान है कि यदि इसी तरह गर्मी जारी रही तो मई के अंत तक मांग 30 से 31 हजार मेगावाट तक पहुंच सकती है।

पावर एक्सचेंज में भी बिजली की कमी

ऊर्जा विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि देशभर में गर्मी बढ़ने से हर राज्य में बिजली की मांग बढ़ गई है। ऐसे में पावर एक्सचेंज में अतिरिक्त बिजली उपलब्ध नहीं हो पा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि यदि मांग अचानक और बढ़ती है तो शाम और रात के समय सीमित बिजली कटौती करनी पड़ सकती है। हालांकि, विभाग यह कोशिश करेगा कि जितने समय रात में कटौती हो, उतनी ही अवधि दिन में अतिरिक्त आपूर्ति देकर संतुलन बनाया जाए।

जून-जुलाई में और बढ़ेगी चुनौती

ऊर्जा विभाग का अनुमान है कि जून और जुलाई में बिजली की मांग 32 हजार से 34 हजार मेगावाट के बीच पहुंच सकती है। इसी को देखते हुए पहले से बिजली खरीद और आपूर्ति की तैयारी की गई है।

हालांकि हाल के दिनों में आए आंधी-तूफान से कई जगह पारेषण लाइनें और बिजली के पोल भी क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे सप्लाई व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है।

सरकार का दावा- पर्याप्त इंतजाम किए गए

डा. आशीष कुमार गोयल ने कहा कि अनुमानित मांग को ध्यान में रखते हुए पहले से पर्याप्त बिजली की व्यवस्था की गई है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेशवासियों को तय शेड्यूल के अनुसार बिजली उपलब्ध कराने का प्रयास लगातार जारी है।

ऊर्जा विभाग का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन यदि तापमान में और बढ़ोतरी हुई तो बिजली व्यवस्था पर दबाव और बढ़ सकता है।

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