“चीन के शांक्सी प्रांत की लियुशेनयु कोयला खदान में गैस विस्फोट से 90 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अब भी लापता बताए जा रहे हैं। राष्ट्रपति शी चिनपिंग ने बचाव अभियान और हादसे की जांच के आदेश दिए हैं।“
नई दिल्ली। चीन के उत्तरी हिस्से में स्थित शांक्सी प्रांत की एक कोयला खदान में हुए भीषण गैस विस्फोट ने बड़े औद्योगिक हादसे का रूप ले लिया। शुक्रवार देर रात हुए इस हादसे में अब तक 90 मजदूरों की मौत की पुष्टि की गई है, जबकि कई अन्य मजदूर अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और राहत-बचाव दलों को तुरंत मौके पर रवाना किया गया।
देर रात हुआ गैस विस्फोट, अंदर काम कर रहे थे 247 मजदूर
चीनी सरकारी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह हादसा शांक्सी प्रांत के किनयुआन काउंटी स्थित लियुशेनयु कोयला खदान में हुआ। जिस समय विस्फोट हुआ, उस वक्त खदान के भीतर 247 मजदूर कार्यरत थे। अचानक हुए गैस धमाके के कारण खदान के कई हिस्सों में भारी क्षति पहुंची और मजदूर भीतर फंस गए।
शुरुआती जानकारी में कम संख्या में मौतों की बात सामने आई थी, लेकिन जैसे-जैसे बचाव अभियान आगे बढ़ा, मृतकों की संख्या लगातार बढ़ती गई। कई मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि कुछ अब भी लापता हैं।
राष्ट्रपति शी चिनपिंग ने दिए सख्त निर्देश
घटना की गंभीरता को देखते हुए चीन के राष्ट्रपति ने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य में पूरी क्षमता लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने तथा लापता लोगों की तलाश में तेजी लाने को कहा है।
साथ ही उन्होंने हादसे के कारणों की गहन जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई करने के आदेश भी दिए हैं।
प्रधानमंत्री ली कियांग ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट
चीन के प्रधानमंत्री Li Qiang ने भी अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा कि राहत कार्यों में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने हादसे से जुड़ी सूचनाओं को समय पर सार्वजनिक करने और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
कंपनी अधिकारियों को लिया गया हिरासत में
रिपोर्टों के अनुसार, खदान संचालन से जुड़ी कंपनी के कई अधिकारियों को हिरासत में लिया गया है। प्रशासन अब यह जांच कर रहा है कि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती स्तर पर सुरक्षा संबंधी लापरवाही या गैस रिसाव जैसी स्थितियां इस दुर्घटना की वजह हो सकती हैं, हालांकि आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
पिछले एक दशक के सबसे बड़े हादसों में शामिल
चीन ने पिछले दो दशकों में खदान सुरक्षा को लेकर कई कड़े नियम लागू किए हैं, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आई है। इसके बावजूद यह हादसा हाल के वर्षों में देश के सबसे घातक खनन हादसों में गिना जा रहा है।
फिलहाल राहत एवं बचाव अभियान युद्ध स्तर पर जारी है और प्रशासन का पूरा ध्यान लापता मजदूरों की तलाश तथा प्रभावित परिवारों की सहायता पर केंद्रित है।
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