“लखनऊ के गोमतीनगर स्थित सहारा सिटी की 245 एकड़ जमीन पर उत्तर प्रदेश का नया विधानसभा भवन बनने की तैयारी शुरू हो गई है। 100 करोड़ रुपये के बजट के साथ आधुनिक और ई-विधानसभा मॉडल विकसित किया जाएगा।“
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता का केंद्र माने जाने वाला राजधानी लखनऊ का ऐतिहासिक विधानसभा भवन अब नए स्वरूप और नई जगह की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। लगभग 98 वर्ष पुराने विधानसभा भवन की जगह अब एक आधुनिक, तकनीक आधारित और विस्तृत नए विधान परिसर के निर्माण की तैयारी शुरू हो चुकी है। इसके लिए राजधानी के गोमतीनगर स्थित सहारा सिटी की 245 एकड़ जमीन को प्रस्तावित किया गया है।
माना जा रहा है कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए यह नया परिसर आधुनिक सुविधाओं और स्मार्ट तकनीक से लैस होगा।
सहारा सिटी की जमीन पर बनेगा नया परिसर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विपुल खंड स्थित यह 245 एकड़ भूमि पहले नगर निगम और एलडीए की थी, जिसे बाद में सहारा समूह को लीज पर दिया गया था। लीज शर्तों के उल्लंघन के बाद यह जमीन वापस सरकारी नियंत्रण में आ गई।
अब इसी जमीन पर नए विधान परिसर के निर्माण की योजना बनाई जा रही है। स्थान, आकार और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण इसे परियोजना के लिए उपयुक्त माना गया है।

बढ़ती जरूरतों को देखते हुए लिया गया फैसला
मौजूदा विधानसभा भवन का उद्घाटन वर्ष 1928 में हुआ था। बदलते समय के साथ अब विधायकों की बढ़ती संख्या, डिजिटल व्यवस्था और सुरक्षा जरूरतों को देखते हुए नए परिसर की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
भविष्य में परिसीमन के बाद विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ने की संभावना भी एक बड़ा कारण माना जा रहा है।
क्या-क्या होंगी नई सुविधाएं?
प्रस्तावित नए परिसर को केवल विधानसभा भवन तक सीमित नहीं रखा जाएगा। योजना के तहत इसमें कई महत्वपूर्ण सुविधाओं को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है—
- नया विधानसभा भवन
- विधान परिषद भवन
- मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों के चैंबर
- बड़े स्तर की पार्किंग व्यवस्था
- ग्रीन बेल्ट और खुली जगहें
- सचिवालय को एकीकृत करने की संभावना
- स्मार्ट और पेपरलेस ई-विधानसभा प्रणाली
पूरे परिसर को आधुनिक डिजिटल ढांचे के अनुरूप विकसित करने की योजना है।

एलडीए ने शुरू की तैयारी
Lucknow Development Authority (एलडीए) ने परियोजना के लिए कंसल्टेंट और आर्किटेक्ट चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए संबंधित एजेंसियों के साथ कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, चयनित कंपनी को दो महीने के भीतर जमीन की व्यवहार्यता रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी, जिसमें निर्माण संबंधी संभावनाओं और चुनौतियों का विस्तृत अध्ययन होगा।
बजट में हुआ प्रावधान
प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में नए विधान भवन के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। अंतिम डिजाइन तैयार होने के बाद इसे मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
यदि यह योजना अंतिम रूप लेती है, तो आने वाले वर्षों में लखनऊ को एक नया हाईटेक और आधुनिक सत्ता केंद्र मिल सकता है, जो प्रशासनिक जरूरतों के साथ भविष्य की चुनौतियों को भी ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा।
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