“यूपी पंचायत चुनाव को लेकर पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव न होने की स्थिति में ग्राम प्रधान के नेतृत्व में प्रशासक नियुक्त करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेजा गया है।“
गाजीपुर। ओमप्रकाश राजभर ने पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि यदि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव समय पर नहीं हो पाते हैं तो ग्राम प्रधानों की भूमिका पूरी तरह समाप्त नहीं होगी। विभाग की ओर से मुख्यमंत्री को एक प्रस्ताव भेजा गया है, जिसमें ग्राम प्रधान के नेतृत्व में प्रशासक नियुक्त करने की बात कही गई है।
गाजीपुर के मरदह क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण परियोजना के शिलान्यास कार्यक्रम में पहुंचे मंत्री ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि पंचायती राज विभाग ने इस संबंध में अपना प्रस्ताव सरकार को भेज दिया है। उन्होंने कहा कि अब अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री स्तर पर लिया जाएगा और अगले एक-दो दिनों में इस पर फैसला सामने आ सकता है।
यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो पंचायत चुनाव में देरी की स्थिति में ग्राम प्रधान प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा बने रह सकते हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की निरंतरता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
पत्रकारों द्वारा अब्बास अंसारी को लेकर पूछे गए सवाल पर राजभर ने कहा कि वह समाजवादी पार्टी के विधायक हैं, हालांकि उन्होंने सुभासपा के चुनाव चिह्न पर चुनाव जीता था। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भविष्य में उन्हें सुभासपा से टिकट नहीं दिया जाएगा।
इस दौरान राजभर ने अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पीडीए का मतलब “परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी” है, जिसमें “पी” परिवार, “डी” डिंपल और “ए” अखिलेश के लिए है।
राजनीतिक हलकों में राजभर के इस बयान को पंचायत चुनाव और आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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