“उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 104 PCS अधिकारियों को उच्च समयमान वेतनमान देने का आदेश जारी किया है। पांच वर्ष की संतोषजनक सेवा पूरी करने वाले SDM स्तर के अधिकारियों को लेवल-11 वेतनमान का लाभ मिलेगा। लखनऊ, वाराणसी, गाजियाबाद समेत कई जिलों के अधिकारियों को फायदा।“
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को बड़ी राहत देते हुए 104 पीसीएस अधिकारियों को उच्च समयमान वेतनमान देने की मंजूरी दे दी है। नियुक्ति अनुभाग-3 की ओर से जारी शासनादेश के मुताबिक उत्तर प्रदेश सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) सेवा नियमावली-1982 के तहत नियमित एवं संतोषजनक सेवा पूरी करने वाले अधिकारियों को यह लाभ प्रदान किया गया है। शासनादेश पर विशेष सचिव अवनीश सक्सेना के हस्ताक्षर हैं।

सरकार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि पांच वर्ष की नियमित सेवा पूर्ण करने वाले उपजिलाधिकारियों (एसडीएम) और समकक्ष पदों पर तैनात अधिकारियों को वर्तमान वेतनमान 15600-39100 ग्रेड पे 5400 से उच्च समयमान वेतनमान 15600-39100 ग्रेड पे 6600 प्रदान किया जाएगा। सातवें वेतन आयोग के अनुसार यह लेवल-11 के अंतर्गत माना जाएगा। अधिकारियों को यह लाभ उनके नाम के सामने अंकित तिथियों से प्रभावी होगा।

कई जिलों और विकास प्राधिकरणों के अधिकारी सूची में शामिल
जारी सूची में लखनऊ, गाजियाबाद, वाराणसी, प्रयागराज, आगरा, उन्नाव, बागपत, गौंडा, कानपुर देहात, अंबेडकरनगर, बाराबंकी, एटा, शाहजहांपुर, सीतापुर, हरदोई, अमरोहा, मथुरा और झांसी समेत कई जिलों में तैनात अधिकारी शामिल हैं।
इसके अलावा लखनऊ विकास प्राधिकरण, कानपुर विकास प्राधिकरण, अलीगढ़ विकास प्राधिकरण, बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण, यूपीडा तथा नगर निगम वाराणसी जैसे संस्थानों में तैनात अधिकारियों को भी इसका लाभ मिलेगा।

2018, 2019 और 2020 बैच के अधिकारियों को फायदा
शासनादेश में वर्ष 2018, 2019 और 2020 बैच के अधिकारियों के नाम शामिल किए गए हैं। इनमें राजेश कुमार सिंह, मनोज प्रकाश, देवेंद्र प्रताप सिंह, अशोक कुमार गुप्ता, संगीता रायच, ज्योति शर्मा, प्रतिमा मिश्रा, आकाश सिंह, शिखा शुक्ला, रवि प्रताप सिंह समेत कई अधिकारियों को उच्च समयमान वेतनमान स्वीकृत किया गया है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि संबंधित अधिकारियों का वेतन निर्धारण वित्त विभाग द्वारा समय-समय पर जारी शासनादेशों के अनुसार किया जाएगा।

अधिकारियों का बढ़ेगा मनोबल
प्रशासनिक हलकों में सरकार के इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि उच्च समयमान वेतनमान मिलने से अधिकारियों का मनोबल बढ़ेगा और प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी। लंबे समय से पात्र अधिकारियों को इस आदेश का इंतजार था।

राज्य सरकार के इस निर्णय को प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। शासनादेश जारी होने के बाद संबंधित विभागों में वेतन निर्धारण और लाभ देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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