“Yogi Adityanath आज राज्यपाल Anandiben Patel से मुलाकात करेंगे। पश्चिम बंगाल में BJP सरकार बनने के बाद अब यूपी में योगी मंत्रिमंडल विस्तार और संगठन में बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। जानिए संभावित नए चेहरे और राजनीतिक समीकरण।“
लखनऊ। Yogi Adityanath के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार में जल्द बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। पश्चिम बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत और Suvendu Adhikari के मुख्यमंत्री बनने के बाद अब पार्टी की निगाहें पूरी तरह उत्तर प्रदेश पर टिक गई हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार शाम राज्यपाल Anandiben Patel से मुलाकात करने जा रहे हैं, जिसे आगामी मंत्रिमंडल विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री शाम 6:30 बजे जन भवन पहुंचकर राज्यपाल से मुलाकात करेंगे। राजनीतिक गलियारों में इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राज्यपाल से समय और औपचारिक चर्चा कर सकते हैं।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले संगठन और सरकार दोनों में बदलाव की तैयारी
भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ चुनावी तैयारियों में जुट गई है। पार्टी संगठन और सरकार दोनों स्तर पर बड़े बदलावों की रणनीति पर काम कर रही है। इसी के तहत प्रदेश संगठन के रिक्त पदों को भरने, सहयोगी दलों को साधने और सामाजिक समीकरण मजबूत करने की कवायद तेज हो गई है।
सूत्र बताते हैं कि भाजपा सहयोगी दलों के नेताओं को विभिन्न निगमों और आयोगों में अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष जैसे पद देकर राजनीतिक संतुलन साधने की तैयारी में है। इसके साथ ही मंत्रिमंडल विस्तार में भी सामाजिक और जातीय समीकरणों का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
छह नए चेहरों को मिल सकती है जगह
योगी सरकार के मौजूदा मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा दो उपमुख्यमंत्री Keshav Prasad Maurya और Brajesh Pathak समेत कुल 53 मंत्री शामिल हैं। अब इसमें छह नए चेहरों को शामिल किए जाने की चर्चा तेज है।
राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक भाजपा इस बार दो ब्राह्मण नेताओं, दो पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधियों, एक दलित और एक महिला चेहरे को मंत्रिमंडल में जगह देकर व्यापक सामाजिक संदेश देने की तैयारी कर रही है। पार्टी का मकसद 2027 विधानसभा चुनाव से पहले हर वर्ग में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करना है।
संगठनात्मक बैठकों का दौर भी शुरू
प्रदेश संगठन भी चुनावी मोड में आ चुका है। भाजपा 11 और 12 मई को लखनऊ में बड़ी संगठनात्मक बैठक करने जा रही है, जिसमें प्रदेश के सभी 98 संगठनात्मक जिलों के अध्यक्ष शामिल होंगे। बैठक में बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, महिलाओं और युवाओं के बीच पकड़ बढ़ाने तथा आगामी चुनावी रणनीति पर चर्चा होगी।
बीजेपी नेतृत्व मानता है कि पश्चिम बंगाल की जीत ने कार्यकर्ताओं में नया उत्साह पैदा किया है और अब इसी ऊर्जा को उत्तर प्रदेश में चुनावी तैयारी के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
बंगाल जीत के बाद बढ़ा आत्मविश्वास
पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार बनने के बाद पार्टी का आत्मविश्वास काफी बढ़ा है। बंगाल में मिली सफलता को भाजपा राष्ट्रीय राजनीति के लिए बड़ा संदेश मान रही है। ऐसे में उत्तर प्रदेश में संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर सक्रियता बढ़ गई है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि योगी मंत्रिमंडल का संभावित विस्तार सिर्फ प्रशासनिक नहीं बल्कि चुनावी रणनीति का हिस्सा भी होगा, जिसके जरिए भाजपा विभिन्न सामाजिक समूहों को साधने और चुनावी संदेश देने का प्रयास करेगी।
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