होमगार्ड पेपर लीक मामले में बड़ा एक्शन, बीएनएसडी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य हटाए गए

कानपुर के चर्चित परीक्षा सेंधमारी प्रकरण में बड़ा फैसला, डॉ. ओपी पाठक को सौंपी गई नई जिम्मेदारी

कानपुर के बीएनएसडी इंटर कॉलेज में होमगार्ड भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में प्रधानाचार्य अमर सिंह को पद से हटा दिया गया है। पांच शिक्षकों को निलंबन पत्र जारी किए गए हैं। जानिए पूरा मामला।

कानपुर। कानपुर के बीएनएसडी इंटर कॉलेज में आयोजित होमगार्ड भर्ती परीक्षा में पेपर लीक और सेंधमारी के मामले में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। परीक्षा में लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक के आरोपों के बाद कॉलेज के प्रधानाचार्य अमर सिंह को पद से हटा दिया गया है। वहीं, मामले में निलंबित किए गए पांच शिक्षकों को प्रबंधन की ओर से निलंबन पत्र और नोटिस जारी किए गए हैं।

कॉलेज प्रबंधन ने हिंदी विषय के वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ. ओपी पाठक को नया प्रधानाचार्य नियुक्त कर दिया है। बुधवार को कॉलेज प्रबंध समिति के सह-प्रबंधक हरिभाऊ खांडेकर ने विद्यालय पहुंचकर उन्हें कार्यभार ग्रहण कराया। इस फैसले के बाद कॉलेज परिसर में पूरे दिन चर्चाओं का माहौल बना रहा।

25 अप्रैल की परीक्षा में हुई थी सेंधमारी

गौरतलब है कि 25 अप्रैल को चुन्नीगंज स्थित बीएनएसडी इंटर कॉलेज में होमगार्ड भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। दूसरी पाली की परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र लीक करने और परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी का मामला सामने आया था।

प्रकरण की जांच के बाद कॉलेज प्रबंध समिति ने 16 मई को केंद्र व्यवस्थापक और प्रधानाचार्य अमर सिंह सहित पांच शिक्षकों को निलंबित कर दिया था। कार्रवाई की जद में आने वालों में अंग्रेजी प्रवक्ता ललित बाजपेयी, उपप्रधानाचार्य सुशील कुमार, अंग्रेजी प्रवक्ता प्रशांत यादव और रसायन विज्ञान प्रवक्ता अखिलेश यादव शामिल हैं।

परीक्षा के दिन ही हुई थी गिरफ्तारी

पेपर लीक मामले में परीक्षा के दिन ही रसायन विज्ञान प्रवक्ता अखिलेश यादव और दो कक्ष निरीक्षकों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। मौके से पुलिस ने सीलबंद प्रश्नपत्र और एक पॉकेट प्रिंटर भी बरामद किया था।

हालांकि बाद में आरोपी अखिलेश यादव जमानत पर जेल से बाहर आ गए। मामले की जांच अब भी जारी है और पुलिस पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।

एआई के जरिए हल कराने की थी साजिश

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने परीक्षा में धांधली के लिए बेहद सुनियोजित तरीके से योजना बनाई थी। पुलिस के मुताबिक पहले दो लोगों को फर्जी कक्ष निरीक्षक बनाकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिलाया गया।

इसके बाद प्रश्न पुस्तिका चोरी कर उसे कॉलेज के एनसीसी कक्ष तक पहुंचाया गया, जहां पहले से मोबाइल फोन और प्रिंटर की व्यवस्था की गई थी। आरोप है कि प्रश्नपत्र की फोटो लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से उत्तर तैयार किए जाने थे।

योजना के तहत उत्तर प्रिंट कर ओएमआर शीट में भरवाने की तैयारी थी, ताकि एक परिचित अभ्यर्थी को परीक्षा में पास कराया जा सके।

जानबूझकर अनुपस्थित दिखाया गया था अभ्यर्थी

पुलिस जांच में गिरफ्तार आरोपी संदीप ने खुलासा किया कि पूरी साजिश बेहद व्यवस्थित तरीके से रची गई थी। उसके अनुसार, एनसीसी कक्ष में दो दिन पहले ही मोबाइल फोन और प्रिंटर रखकर ताला लगा दिया गया था।

संदीप ने पूछताछ में बताया कि उसे निर्देश दिया गया था कि प्रश्न पुस्तिका की फोटो लेकर एआई के जरिए उत्तर निकाले जाएं और फिर कक्ष संख्या 21 में जानबूझकर अनुपस्थित दिखाए गए अभ्यर्थी राहुल कुमार की ओएमआर शीट भर दी जाए।

आरोप है कि इस पूरे खेल में कॉलेज के कुछ कर्मचारियों और शिक्षकों की मिलीभगत थी।

कॉलेज प्रबंधन ने दिखाई सख्ती

मामले के तूल पकड़ने के बाद बीएनएसडी इंटर कॉलेज प्रबंधन ने सख्त रुख अपनाया है। निलंबित शिक्षकों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। अब सभी शिक्षकों को प्रबंधन के समक्ष अपना पक्ष रखना होगा।

प्रबंधन का कहना है कि परीक्षा की निष्पक्षता और संस्थान की साख से समझौता नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।

शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

होमगार्ड भर्ती परीक्षा में सेंधमारी के इस मामले ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एआई तकनीक और डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल कर पेपर हल कराने की कोशिश ने जांच एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में परीक्षा केंद्रों की निगरानी और साइबर सुरक्षा को और मजबूत करने की जरूरत होगी, ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

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