“पटना में राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर पुलिस टीम पहुंचने से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। बंगला खाली करने के तीसरे नोटिस और राबड़ी देवी की चुनौती के बाद प्रशासनिक गतिविधियां बढ़ी हैं। जानिए पूरा मामला।“
पटना। बिहार की राजनीति में शनिवार को उस समय हलचल तेज हो गई जब पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास 10 सर्कुलर रोड पर अचानक बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी पहुंच गए। सचिवालय एसडीपीओ के नेतृत्व में पहुंची पुलिस टीम ने आवास परिसर का निरीक्षण किया, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
हालांकि पुलिस और प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन इसे हाल ही में जारी किए गए आवास खाली करने के नोटिस से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों के आवास के भीतर जाकर स्थिति का जायजा लेने के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया है।

बंगला खाली नहीं करने की दी थी चुनौती
कुछ दिन पहले गाजियाबाद से पटना लौटने के बाद राबड़ी देवी ने साफ तौर पर कहा था कि वह सरकारी आवास खाली नहीं करेंगी। उन्होंने सरकार को खुली चुनौती देते हुए कहा था कि यदि प्रशासन बंगला खाली कराना चाहता है तो फोर्स भेजकर कार्रवाई कर सकता है।
उन्होंने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम लेते हुए सरकार की मंशा पर भी सवाल उठाए थे। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल पहले से ही गर्म था। अब आवास पर पुलिस की मौजूदगी को उसी बयान के संदर्भ में देखा जा रहा है।
तीसरे नोटिस के बाद बढ़ी कार्रवाई की चर्चा
भवन निर्माण विभाग ने हाल ही में राबड़ी देवी को तीसरा नोटिस जारी करते हुए सरकारी आवास खाली करने का निर्देश दिया था। विभाग का कहना है कि यह बंगला अब बिहार सरकार के पशुपालन मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित किया जा चुका है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार इससे पहले भी दो बार नोटिस भेजे जा चुके हैं, लेकिन अब तक आवास खाली नहीं किया गया। इसी वजह से प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

नया आवास मिलने के बावजूद नहीं छोड़ा पुराना बंगला
भवन निर्माण विभाग का दावा है कि राबड़ी देवी को नेता प्रतिपक्ष के रूप में 39 हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास आवंटित किया जा चुका है। विभाग के मुताबिक नए आवास की सभी औपचारिकताएं पूरी कर दी गई हैं और उन्हें वहां स्थानांतरित होना चाहिए।
सरकार का कहना है कि आवास आवंटन नियमों के अनुसार पुराने सरकारी बंगले को खाली करना अनिवार्य है। इसी आधार पर पिछले छह महीनों से लगातार पत्राचार और नोटिस जारी किए जाते रहे हैं।
दो दशक से लालू परिवार का राजनीतिक केंद्र रहा है यह बंगला
10 सर्कुलर रोड स्थित यह सरकारी आवास वर्ष 2005 से लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार का निवास रहा है। लंबे समय से यह बंगला राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की राजनीतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र माना जाता रहा है।
यहीं से पार्टी की महत्वपूर्ण बैठकों, रणनीतिक चर्चाओं और राजनीतिक फैसलों का संचालन होता रहा है। ऐसे में बंगला विवाद केवल आवासीय मामला नहीं रह गया है, बल्कि इसका राजनीतिक महत्व भी बढ़ गया है।
लालू यादव विदेश में, बढ़ी सियासी चर्चाएं
इस बीच लालू प्रसाद यादव अपने नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के लिए सिंगापुर गए हुए हैं। उनकी अनुपस्थिति में आवास पर पुलिस की मौजूदगी ने विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच नए राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा बिहार की राजनीति में और अधिक गर्मा सकता है। फिलहाल सभी की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई और राजद की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं।
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