अलीगंज अग्निकांड: निलंबित एफएसएसओ के यू-टर्न से बढ़ा सस्पेंस, पहले सीएम को लिखा पत्र, अब मांगी माफी

मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में सीएफओ की भूमिका पर उठाए थे सवाल, अब बोले- भ्रमित कर बनवाया गया था वीडियो, अधिकारियों पर है पूरा भरोसा

लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड में निलंबित एफएसएसओ कमलेन्द्र कुमार सिंह ने पहले मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर वास्तविक दोषियों पर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन अब उन्होंने अपना बयान बदलते हुए अधिकारियों पर भरोसा जताया और माफी मांगी। जानिए पूरा मामला।

लखनऊ। राजधानी के अलीगंज स्थित एनिमेशन ट्रेनिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद निलंबित किए गए फायर विभाग के अधिकारी एफएसएसओ इंदिरानगर कमलेन्द्र कुमार सिंह के बयान ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर घटना के वास्तविक दोषियों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग करने वाले कमलेन्द्र कुमार सिंह अब अपने ही आरोपों से पीछे हटते नजर आए हैं।

कमलेन्द्र कुमार सिंह ने एक नया वीडियो जारी कर कहा है कि उनका पूर्व में जारी किया गया वीडियो और पत्र भ्रम की स्थिति में तैयार कराया गया था। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने वरिष्ठ अधिकारियों और विभागीय जांच प्रक्रिया पर पूरा विश्वास है तथा उन्हें भरोसा है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और सच्चाई सामने आएगी।

मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उठाए थे गंभीर सवाल

निलंबित एफएसएसओ ने मुख्यमंत्री को भेजे अपने पत्र में कहा था कि 22 जून को हुए इस दर्दनाक हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है, लेकिन घटना के बाद उनके खिलाफ की गई कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने दावा किया था कि एफएसएसओ का दायित्व केवल स्थानीय स्तर पर निरीक्षण और रिपोर्ट तैयार करने तक सीमित होता है।

पत्र में उन्होंने कहा था कि भवन को फायर क्लीयरेंस प्रदान करने और शहर की समग्र अग्नि सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) की होती है। ऐसे में पूरे मामले की जिम्मेदारी केवल अधीनस्थ अधिकारियों पर डालना उचित नहीं होगा।

व्यावसायिक उपयोग पर भी उठाए थे सवाल

कमलेन्द्र कुमार सिंह ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया था कि जिस भवन को मूल रूप से आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृति मिली थी, उसका वर्षों से व्यावसायिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। उन्होंने सवाल उठाया था कि ऐसी स्थिति में संबंधित विभागों और वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी क्यों नहीं थी।

उन्होंने आरोप लगाया था कि आग लगने के बाद राहत और बचाव कार्यों में भी समन्वय की कमी दिखाई दी, जिसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

अब कहा- भ्रमित कर बनवाया गया था वीडियो

हालांकि पत्र और वीडियो सार्वजनिक होने के बाद कमलेन्द्र कुमार सिंह ने दूसरा वीडियो जारी कर अपने पूर्व बयानों से दूरी बना ली। उन्होंने कहा कि उन्हें भ्रमित कर वीडियो बनवाया गया था और उनका उद्देश्य किसी अधिकारी पर व्यक्तिगत आरोप लगाना नहीं था।

उन्होंने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र और पहले दिए गए बयान के लिए खेद व्यक्त करते हुए माफी भी मांगी है।

चार अधिकारियों को किया गया है निलंबित

अलीगंज अग्निकांड के बाद शासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चार अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित किया था। इनमें अधिशासी अभियंता गौरव कुमार, एफएसएसओ कमलेन्द्र कुमार सिंह, सहायक अभियंता अनिल कुमार और कनिष्ठ अभियंता प्रमोद पांडे शामिल हैं।

शासन ने सभी अधिकारियों की भूमिका की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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