NEET पेपर लीक 2026: सीकर के कोचिंग सेंटरों तक पहुंचा हाथ से लिखा पेपर, 5 लाख तक में हुआ सौदा

CBI जांच में बड़ा खुलासा; आरोपी यश यादव के जरिए राजस्थान पहुंचा प्रश्न पत्र, छात्रों से 2 से 5 लाख रुपये वसूले गए

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपी यश यादव के जरिए राजस्थान के सीकर कोचिंग सेंटरों तक हाथ से लिखे प्रश्नपत्र पहुंचाए गए। छात्रों से 2 से 5 लाख रुपये तक वसूले गए। जानिए पूरा मामला, CBI जांच, बिहार कनेक्शन और NEET परीक्षा रद होने की पूरी खबर।

नई दिल्ली। NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की पड़ताल में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। जांच एजेंसी को पता चला है कि लीक हुआ प्रश्न पत्र आरोपी यश यादव के जरिए राजस्थान के सीकर जिले तक पहुंचा था। सूत्रों के मुताबिक, इस प्रश्न पत्र के बदले छात्रों से दो लाख से लेकर पांच लाख रुपये तक की रकम वसूली गई थी।

जांच में सामने आया है कि आरोपी यश यादव की पहचान विकास बिवाल नाम के एक अन्य आरोपी से थी। CBI को मिली जानकारी के अनुसार, विकास बिवाल के पिता दिनेश बिवाल ने ही NEET-UG 2026 के प्रश्न पत्र की हार्ड कॉपी को स्कैन कर PDF तैयार की थी। इसके बाद आरोपियों ने डिजिटल कॉपी को सीधे प्रसारित करने के बजाय उसे हाथ से लिखवाया, ताकि इलेक्ट्रॉनिक सबूत कम से कम छोड़े जा सकें।

बताया जा रहा है कि हाथ से लिखे गए प्रश्न पत्रों को राजस्थान के सीकर स्थित कई कोचिंग संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों तक पहुंचाया गया। जांच एजेंसी अब इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि पेपर किन माध्यमों से छात्रों तक पहुंचा और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।

कोचिंग संचालकों और कर्मचारियों से भी पूछताछ

CBI ने मामले में गिरफ्तार आरोपियों को बुधवार देर रात जयपुर में एक मजिस्ट्रेट के आवास पर पेश किया। सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी निगरानी में आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के लिए लाया गया।

जांच एजेंसी ने सीकर और जयपुर के कई कोचिंग संस्थानों के संचालकों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों से भी पूछताछ की है। एजेंसी को शक है कि पेपर लीक नेटवर्क में शिक्षा माफिया और कोचिंग तंत्र के कुछ लोग भी शामिल हो सकते हैं।

खुद परीक्षा पास नहीं कर पाया था आरोपी यश यादव

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी यश यादव स्वयं NEET परीक्षा पास नहीं कर सका था। उसने बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिकल साइंसेज की पढ़ाई की थी। वहीं, मामले में आरोपी बनाए गए शुभम ने खुद को निर्दोष बताते हुए पेपर लीक का मुख्य साजिशकर्ता होने के आरोपों से इनकार किया है।

CBI फिलहाल उस पूरी चेन की जांच कर रही है, जिसके जरिए प्रश्न पत्र परीक्षा से पहले आरोपियों तक पहुंचा। एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि बाद में यह पेपर छात्रों के बीच किस स्तर तक फैलाया गया।

छात्रों और आरोपियों के बयान दर्ज

मामले में शामिल छात्रों और आरोपियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच एजेंसियां पैसों के लेन-देन, बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की भी जांच कर रही हैं।

CBI ने 12 मई को शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत उच्च शिक्षा विभाग से मिली लिखित शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया था। शिकायत में NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक का आरोप लगाया गया था।

परीक्षा रद्द, दोबारा होगी NEET-UG

पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार ने 3 मई को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया है। सरकार ने घोषणा की है कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा दोबारा कराई जाएगी। नई परीक्षा की तारीखें जल्द घोषित की जाएंगी।

राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के अनुसार, इस वर्ष NEET-UG परीक्षा में 22.79 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। परीक्षा देश के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में बनाए गए 5,400 से अधिक केंद्रों पर आयोजित की गई थी।

बिहार में भी खुला पेपर लीक नेटवर्क

इधर, बिहार पुलिस ने भी NEET-UG पेपर लीक मामले से जुड़े एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। राजगीर के DSP सुनील कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने कई मोबाइल फोन और लैपटॉप जब्त किए हैं, जिनमें मामले से जुड़े महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत मिले हैं।

पुलिस के अनुसार, जब्त डिवाइसों से मिली चैट और डिजिटल रिकॉर्ड में पैसों के लेन-देन के संकेत मिले हैं। जांच में कई मेडिकल कॉलेज छात्रों के नाम भी सामने आए हैं, जिन पर इस नेटवर्क से जुड़े होने का शक है।

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