सदन में बवाल: मुख्यमंत्री पर शराब पीकर आने का आरोप, कांग्रेस विधायकों ने छोड़ा सदन

मोबाइल इस्तेमाल पर शुरू हुआ विवाद, शराब पीकर सदन में आने के आरोप से बढ़ा सियासी तापमान

“पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में बड़ा हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायकों ने सीएम भगवंत मान पर शराब पीकर सदन में आने का आरोप लगाया, जिसके बाद जोरदार नारेबाजी और वॉकआउट हुआ। पढ़ें पूरी खबर।”

चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। मजदूर दिवस के अवसर पर बुलाए गए इस सत्र में पहले मोबाइल इस्तेमाल को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई, फिर मुख्यमंत्री भगवंत मान पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। आखिरकार कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।

मजदूर दिवस पर बुलाया गया था विशेष सत्र

पंजाब सरकार ने मजदूर दिवस के अवसर पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया था। सरकार की ओर से मजदूरों से जुड़े प्रस्तावों और मुद्दों पर चर्चा का कार्यक्रम तय था। हालांकि सत्र शुरू होते ही राजनीतिक टकराव हावी हो गया।

मोबाइल इस्तेमाल पर शुरू हुआ विवाद

सदन की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस विधायक सुखपाल खैरा के मोबाइल इस्तेमाल पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि मई दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर प्रस्ताव पेश हो रहा है और विपक्षी सदस्य मोबाइल में व्यस्त हैं।

इस टिप्पणी के बाद कांग्रेस विधायकों ने विरोध जताया। खैरा ने अपनी बात रखने की अनुमति मांगी। इसी दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भी विपक्षी विधायक के व्यवहार पर सवाल उठाए, जिससे माहौल और गरमा गया।

सीएम पर लगाए गए गंभीर आरोप

हंगामे के बीच कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान शराब पीकर सदन में पहुंचे हैं। इस आरोप के बाद सदन में भारी शोर-शराबा शुरू हो गया।

नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि इस तरह के आरोप बेहद गंभीर हैं और स्थिति स्पष्ट करने के लिए एल्कोमीटर से सभी सदस्यों की जांच कराई जानी चाहिए।

स्पीकर ने दी चेतावनी

सदन में बढ़ते हंगामे के बीच स्पीकर ने कहा कि किसी भी सदस्य के खिलाफ इस प्रकार की टिप्पणी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे आरोप लगाने वाले सदस्यों को नामित किया जा सकता है।

इसके बावजूद कांग्रेस विधायक वेल में पहुंच गए, नारेबाजी की और बाद में सदन से वॉकआउट कर दिया।

बाहर भी जारी रहा विरोध

सदन के बाहर अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार पर लोकतांत्रिक परंपराओं की अनदेखी का आरोप लगाया।

भाजपा ने चलाया समानांतर सत्र

उधर भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा सत्र के समानांतर चंडीगढ़ के सेक्टर-37 में “जनता दी विधानसभा” नाम से अलग कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़, अश्वनी शर्मा और तरुण चुघ समेत कई नेता मौजूद रहे।

सियासत और तेज होने के आसार

विशेष सत्र के दौरान हुए इस हंगामे ने पंजाब की राजनीति को और गर्मा दिया है। आने वाले दिनों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है।

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