इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अलीगढ़, कौशांबी, पीलीभीत, सिद्धार्थनगर और श्रावस्ती में अतिरिक्त शिक्षकों के पुनः समायोजन की अनुमति दी। जानें कोर्ट का पूरा आदेश।
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में अतिरिक्त शिक्षकों के पुनः समायोजन का रास्ता साफ हो गया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अलीगढ़, कौशांबी, पीलीभीत, सिद्धार्थनगर और श्रावस्ती में सरप्लस शिक्षकों को उसी विकासखंड के ऐसे विद्यालयों में समायोजित करने की अनुमति दे दी है, जहां शिक्षकों की संख्या कम है।
कोर्ट ने कहा कि जिन स्कूलों में कोई शिक्षक नहीं है या केवल एक शिक्षक तैनात है, वहां अतिरिक्त शिक्षकों का समायोजन किया जाए। इसका उद्देश्य प्रत्येक विद्यालय में कम से कम दो शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
राज्य सरकार ने कोर्ट में पेश की रिपोर्ट
यह आदेश न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह और न्यायमूर्ति अरुण कुमार की खंडपीठ ने सौरभ कुमार सिंह और छह अन्य की विशेष अपील पर सुनवाई करते हुए दिया।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से मुख्य स्थायी अधिवक्ता अभिषेक श्रीवास्तव ने कोर्ट के समक्ष रिपोर्ट पेश की। इसमें अलीगढ़, कौशांबी, पीलीभीत, सिद्धार्थनगर और श्रावस्ती जिलों में अतिरिक्त शिक्षकों का पूरा विवरण दिया गया था।
रिपोर्ट में बताया गया कि सूची में शामिल शिक्षकों की ओर से उनके पुनः समायोजन को लेकर कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई है। इस पर कोर्ट ने राज्य सरकार को इन शिक्षकों को उसी विकासखंड के जरूरत वाले विद्यालयों में भेजने की अनुमति दे दी।
कम शिक्षक वाले स्कूलों में होगा समायोजन
हाई कोर्ट के निर्देश के अनुसार ऐसे विद्यालयों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां या तो कोई शिक्षक तैनात नहीं है या केवल एक शिक्षक कार्यरत है। अतिरिक्त शिक्षकों को इन्हीं स्कूलों में समायोजित करके शिक्षकों का न्यूनतम संतुलन सुनिश्चित किया जाएगा।
इस व्यवस्था से ग्रामीण और दूरदराज के उन विद्यालयों को राहत मिलने की उम्मीद है, जहां शिक्षक कम होने के कारण पढ़ाई प्रभावित होती है।
लखनऊ के स्कूलों की सूची भी अपलोड करने की अनुमति
राज्य सरकार के अनुरोध पर हाई कोर्ट ने लखनऊ के शहरी क्षेत्र के स्कूलों से संबंधित सूची को भी अपलोड करने की अनुमति प्रदान कर दी है। इससे संबंधित स्कूलों में शिक्षक उपलब्धता और आवश्यकता के आधार पर आगे की कार्रवाई का रास्ता खुल गया है।
आपत्ति करने वाले शिक्षकों को अंतरिम राहत जारी
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन शिक्षकों ने अपने समायोजन को लेकर आपत्ति दर्ज कराई है, उनके पक्ष में पहले से जारी अंतरिम आदेश फिलहाल प्रभावी रहेंगे। ये आदेश संबंधित अपील के अंतिम निर्णय तक लागू रहेंगे।
11 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
मामले में अगली सुनवाई 11 अगस्त 2026 को दोपहर दो बजे निर्धारित की गई है। अब कोर्ट की अगली सुनवाई पर इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर भी स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
किन पांच जिलों में री-एडजस्टमेंट?
- अलीगढ़
- कौशांबी
- पीलीभीत
- सिद्धार्थनगर
- श्रावस्ती
इस आदेश का मुख्य उद्देश्य अतिरिक्त शिक्षकों को ऐसे स्कूलों तक पहुंचाना है, जहां शिक्षकों की कमी है, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो और प्रत्येक विद्यालय में कम से कम दो शिक्षक उपलब्ध कराए जा सकें।







