यूपी में बढ़ते अपराधों पर सख्त हुए सीएम योगी, कई जिलों के अफसरों की लगाई क्लास

हत्या की लगातार घटनाओं पर जताई नाराजगी, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी; बैठक खत्म होते ही कई पुलिस अधिकारी हटाए गए

उत्तर प्रदेश में बढ़ती हत्या और आपराधिक घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ, वाराणसी, नोएडा, गाजियाबाद, जौनपुर समेत कई जिलों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। कानून-व्यवस्था पर सख्त निर्देश देते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में हाल के दिनों में सामने आईं हत्या और गंभीर आपराधिक घटनाओं ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर जोर देने वाली योगी सरकार अब कानून-व्यवस्था को लेकर और अधिक सख्त नजर आ रही है। मुख्यमंत्री योगी ने प्रदेश के कई संवेदनशील जिलों में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों की कड़ी क्लास लगाई।

मुख्यमंत्री ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गाजियाबाद, लखनऊ, वाराणसी, नोएडा, जौनपुर, गाजीपुर, पीलीभीत और बागपत समेत कई जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने हाल में हुईं चर्चित हत्याओं और अपराध की घटनाओं पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी तथा दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

अधिकारियों से मांगा जवाब, दी सख्त चेतावनी

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि कानून-व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि अपराध नियंत्रण में लापरवाही मिली तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों में हुई हत्याओं की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन से पूछा कि अपराधियों के खिलाफ समय रहते प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

बैठक के तुरंत बाद शुरू हुई कार्रवाई

मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक समाप्त होते ही राजधानी लखनऊ में प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू हो गई। पुलिस कमिश्नर ने विभूतिखंड और गोमतीनगर थाना प्रभारियों को लाइन हाजिर कर दिया। इसके साथ ही एसीपी विभूतिखंड को भी पद से हटाने का निर्णय लिया गया। नए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपकर अपराध नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।

हाल की घटनाओं ने बढ़ाई चिंता

मुख्यमंत्री की नाराजगी की बड़ी वजह हाल के दिनों में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में हुईं कई चर्चित हत्याएं हैं।

लखनऊ में प्रॉपर्टी डीलर की हत्या

राजधानी लखनऊ में 27 मई को प्रॉपर्टी कारोबारी संदीप सिंह की उनके कार्यालय के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। घायल अवस्था में अस्पताल ले जाए गए संदीप सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई।

जौनपुर में दूल्हे की गोली मारकर हत्या

जौनपुर में शादी के लिए निकली बारात के दौरान दूल्हे आजाद की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना उस समय हुई जब वह कार में बैठे हुए थे। बाइक सवार बदमाशों ने कार का शीशा खुलवाकर उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर दिया।

गाजीपुर में होटल कारोबारी के बेटे की हत्या

गाजीपुर में एक होटल कारोबारी के पुत्र विनीत राय की चार नकाबपोश बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। बदमाश होटल परिसर तक पहुंचे और मौका मिलते ही फायरिंग कर फरार हो गए। अस्पताल पहुंचने से पहले ही विनीत की मौत हो गई।

वाराणसी में व्यापारी की पीट-पीटकर हत्या

वाराणसी के फूलपुर क्षेत्र में व्यापारी मनीष सिंह की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। सड़क दुर्घटना के बाद शुरू हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और भीड़ ने उन पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल व्यापारी की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने प्रदेश में भीड़ हिंसा को लेकर भी चिंता बढ़ाई है।

कानून-व्यवस्था पर सरकार की पैनी नजर

प्रदेश सरकार का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के साथ-साथ संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त और निगरानी बढ़ाई जाए।

अपराध नियंत्रण पर होगी नियमित समीक्षा

सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में भी अपराध से जुड़े मामलों की नियमित समीक्षा की जाएगी। जिन जिलों में अपराध की घटनाएं अधिक होंगी, वहां जवाबदेही तय करते हुए प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

प्रदेश में लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं के बीच मुख्यमंत्री की यह सख्ती प्रशासनिक मशीनरी के लिए स्पष्ट संदेश मानी जा रही है कि अपराध और लापरवाही दोनों पर सरकार का रुख बेहद कड़ा रहेगा।

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