“दिल्ली के मालवीय नगर स्थित लेमन ग्रास रेस्टोरेंट और फ्लोरिश स्टे बीएंडबी गेस्ट हाउस में लगी भीषण आग में 21 लोगों की मौत हो गई। 74 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। पुलिस गैर-इरादतन हत्या समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज करने की तैयारी कर रही है।“
नई दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित हौजरानी इलाके में बुधवार सुबह हुए भीषण अग्निकांड में मृतकों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है। राहत एवं बचाव अभियान के दौरान अब तक कुल 74 लोगों को इमारत से बाहर निकाला गया है। इनमें कई गंभीर रूप से घायल हैं और विभिन्न अस्पतालों में उनका उपचार चल रहा है।
प्रशासन के अनुसार, हादसे के बाद बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया, जिसके चलते दर्जनों लोगों की जान बचाई जा सकी। हालांकि, धुएं और आग की भयावहता के कारण 21 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों की बताई जा रही है।
74 लोगों को निकाला गया सुरक्षित
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त इमारत से कुल 74 लोगों को बाहर निकाला गया। इनमें 39 लोगों को मैक्स अस्पताल, तीन को मालवीय नगर अस्पताल और 32 लोगों को एम्स समेत अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
घायलों में कई की हालत गंभीर बनी हुई है। विशेष रूप से ऊंचाई से कूदने वाले कुछ लोगों को गंभीर चोटें आई हैं।
गद्दे बेचने वाले ने बचाईं कई जानें
हादसे के दौरान एक स्थानीय दुकानदार की सूझबूझ ने कई लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। गेस्ट हाउस के सामने गद्दे और चादर की दुकान चलाने वाले रियाजुद्दीन मंसूरी ने अपनी दुकान के गद्दे सड़क पर बिछा दिए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ऊपरी मंजिलों में फंसे कई लोगों ने इन्हीं गद्दों पर छलांग लगाकर अपनी जान बचाई। कुछ लोग घायल हुए, लेकिन बड़ी त्रासदी टल गई।
छह कमरों की अनुमति, बनाए गए 25 कमरे
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संबंधित गेस्ट हाउस को केवल छह कमरों की अनुमति मिली थी, जबकि परिसर में 25 कमरे संचालित किए जा रहे थे।
जानकारी के अनुसार, यह गेस्ट हाउस केंद्र सरकार की बेड एंड ब्रेकफास्ट (बीएनबी) योजना के तहत पंजीकृत था। अधिकारियों ने भवन की स्वीकृतियों, सुरक्षा इंतजामों और संचालन संबंधी दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है।
शीशे से पैक इमारत बनी मौत का कारण
जांच में यह भी सामने आया है कि पूरी इमारत कांच (ग्लास) से ढकी हुई थी। आग लगने के बाद धुआं तेजी से पूरे भवन में फैल गया, जिससे लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।
राहतकर्मियों को कई जगह शीशे तोड़कर लोगों को बाहर निकालना पड़ा। विशेषज्ञों का मानना है कि धुएं के तेजी से फैलने और निकास मार्ग सीमित होने के कारण जनहानि अधिक हुई।
गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज करने की तैयारी
दिल्ली पुलिस के अनुसार, भवन में आने-जाने का मुख्यतः एक ही रास्ता था। इस पहलू की भी जांच की जा रही है कि क्या अग्नि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन हुआ था।
पुलिस ने संकेत दिए हैं कि मामले में गैर-इरादतन हत्या समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। भवन मालिक और संचालन से जुड़े जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी जांच हो रही है।
पीएम मोदी ने किया मुआवजे का एलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजनों को दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता तथा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी हादसे पर शोक व्यक्त किया है।
जांच के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था
हादसे ने राजधानी में गेस्ट हाउस, होटल और व्यावसायिक भवनों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
फिलहाल घटनास्थल पर राहत और निगरानी का काम जारी है तथा अधिकारियों की टीम आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है।
“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक, मनोरंजन और खेल और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”









