“संसद के मानसून सत्र के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की 7.7% विकास दर का उल्लेख करते हुए वैश्विक चुनौतियों के बीच अर्थव्यवस्था की मजबूती का दावा किया। दूसरी ओर विपक्ष नीट पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावा चोरी और अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।“
नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया। 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र में कुल 19 बैठकें होंगी। पहले ही दिन सरकार और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक भिड़ंत के संकेत मिल गए हैं। एक ओर केंद्र सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष नीट-यूजी पेपर लीक, अयोध्या श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी, एथनॉल नीति, परिसीमन और महिला आरक्षण जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति के साथ सदन में उतरा है।
पीएम मोदी बोले- वैश्विक संकट के बावजूद भारत सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था
संसद परिसर में मीडिया को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जैसे सकारात्मक मानसून देश के लिए लाभकारी होता है, उसी तरह संसद का उत्पादक और सकारात्मक सत्र भी राष्ट्रहित में होता है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण ऊर्जा आयात पर निर्भर भारत जैसे देशों के सामने पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और उर्वरक की आपूर्ति सहित कई चुनौतियां आईं। इसके बावजूद भारत ने 7.7 प्रतिशत की आर्थिक विकास दर दर्ज की और दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज़ गति से आगे बढ़ने वाला देश बना।
सरकार सात अहम विधेयक पेश करने की तैयारी में
सरकार इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयकों को संसद के दोनों सदनों से पारित कराने का प्रयास करेगी। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- आयकर संशोधन विधेयक
- राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक
- सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक
- अन्य प्रशासनिक एवं विधिक सुधारों से जुड़े प्रस्तावित विधेयक
सरकार का जोर आर्थिक सुधार, न्यायिक व्यवस्था और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने पर रहेगा।
‘वंदे मातरम्’ के अपमान को अपराध बनाने का प्रस्ताव
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्यसभा में राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971 में संशोधन संबंधी विधेयक पेश करेंगे। प्रस्तावित संशोधन के तहत ‘वंदे मातरम्’ का अपमान या उसके गायन में जानबूझकर बाधा उत्पन्न करने को दंडनीय अपराध बनाने का प्रावधान किया गया है।
विपक्ष के निशाने पर सरकार
विपक्षी दलों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे कई संवेदनशील मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेंगे। कांग्रेस ने अयोध्या श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय बताते हुए विस्तृत चर्चा की मांग की है।
साथ ही विपक्ष नीट-यूजी पेपर लीक, एथनॉल नीति, परिसीमन, महिला आरक्षण कानून के क्रियान्वयन और अन्य राष्ट्रीय मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
मनीष तिवारी ने दिया स्थगन प्रस्ताव नोटिस
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में नए दल-बदल विरोधी कानून (एंटी-डिफेक्शन लॉ) के नियमों पर चर्चा कराने के लिए स्थगन प्रस्ताव (एडजर्नमेंट मोशन) का नोटिस दिया है। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक स्थिरता के साथ-साथ वैचारिक असहमति की भी पर्याप्त गुंजाइश होनी चाहिए।
बसपा प्रमुख मायावती ने की सहयोग की अपील
बसपा प्रमुख मायावती ने संसद के सुचारु संचालन की अपील करते हुए सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों से राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर मिलकर काम करने का आग्रह किया। उन्होंने लगातार हो रहे परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामलों पर चिंता जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की।
समाजवादी पार्टी भी उठाएगी जनहित के मुद्दे
समाजवादी पार्टी के सांसद नरेश उत्तम पटेल ने कहा कि पार्टी की संसदीय बैठक के बाद रणनीति तय की जाएगी और लोकसभा में किसानों, युवाओं तथा अन्य जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
हंगामेदार रहने के आसार
मानसून सत्र के पहले ही दिन सरकार और विपक्ष के तेवर साफ नजर आ रहे हैं। सरकार जहां अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने पर केंद्रित है, वहीं विपक्ष विभिन्न राजनीतिक और जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। ऐसे में आगामी दिनों में संसद के दोनों सदनों में तीखी बहस और हंगामे की संभावना जताई जा रही है।
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