यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा की पहली पाली संपन्न, आसान प्रश्नपत्र से अभ्यर्थियों में उत्साह

जीएस के कुछ सवालों ने बढ़ाई चुनौती, प्रदेशभर के 1183 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा और निगरानी के बीच हुई परीक्षा

UP Police Constable Exam 2026 की पहली पाली की परीक्षा संपन्न हुई। अभ्यर्थियों ने पेपर को आसान बताया, जबकि GS सेक्शन थोड़ा कठिन रहा। लखनऊ, मेरठ, महराजगंज, बागपत, मुजफ्फरनगर और बुलंदशहर समेत प्रदेशभर में कड़ी सुरक्षा और CCTV निगरानी के बीच परीक्षा आयोजित की गई।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा के पहले दिन सोमवार को पहली पाली की परीक्षा प्रदेशभर में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। परीक्षा देकर बाहर निकले अधिकांश अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र को आसान बताया। हालांकि सामान्य अध्ययन (जीएस) के कुछ प्रश्नों ने अभ्यर्थियों को थोड़ी परेशानी जरूर दी। आसान पेपर के कारण अभ्यर्थियों ने इस बार कटऑफ अधिक जाने की संभावना जताई है।

राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में परीक्षा के लिए व्यापक सुरक्षा और प्रशासनिक इंतजाम किए गए थे। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, बायोमेट्रिक सत्यापन और सघन जांच के बाद ही अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया।

परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थी अंकित सोनकर ने बताया कि प्रश्नपत्र सामान्य स्तर का था और केवल जीएस के कुछ सवाल चुनौतीपूर्ण रहे। वहीं अभ्यर्थी गौरव सिंह ने कहा कि प्रश्नपत्र संतुलित था तथा किसी प्रकार के विवादित प्रश्न शामिल नहीं थे। अभ्यर्थी अभय सिंह ने पेपर को आसान बताते हुए चयन की उम्मीद जताई, जबकि अभ्यर्थी रोशनी ने कहा कि उन्हें प्रश्न हल करने में कोई विशेष कठिनाई नहीं हुई।

प्रदेश में सिपाही भर्ती के 32,679 पदों के लिए परीक्षा आयोजित की जा रही है। भर्ती परीक्षा के लिए कुल 28.86 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। पहले दिन की पहली पाली में लगभग 4.81 लाख अभ्यर्थियों के शामिल होने का अनुमान था। परीक्षा के लिए प्रदेशभर में 1183 केंद्र बनाए गए हैं।

लखनऊ में 55 केंद्रों पर परीक्षा

राजधानी लखनऊ में 55 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। प्रत्येक पाली में 22,656 अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं। तीन दिनों में कुल 1.35 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के परीक्षा में शामिल होने की संभावना है। परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा के लिए 1,626 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसमें निरीक्षक, उपनिरीक्षक, हेड कांस्टेबल, पुरुष और महिला कांस्टेबल शामिल हैं।

बाहरी जिलों से आने वाले अभ्यर्थियों के लिए नगर निगम द्वारा शेल्टर होम में ठहरने, पेयजल और कूलर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अभ्यर्थियों को रोडवेज बसों में प्रवेश पत्र दिखाकर 50 प्रतिशत किराया छूट भी दी जा रही है।

मेरठ में 48 केंद्रों पर सख्त निगरानी

मेरठ में 48 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की जा रही है। छह पालियों में कुल 1.32 लाख अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और नमो भारत स्टेशनों पर नौ हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान भी लागू किया गया है।

महराजगंज में आई स्कैनिंग से सत्यापन

महराजगंज के 13 परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की पहचान सत्यापित करने के लिए आई स्कैनिंग की व्यवस्था की गई है। जिले में तीन दिनों के दौरान 34,560 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जा रही है।

बागपत, मुजफ्फरनगर और बुलंदशहर में भी कड़ी सुरक्षा

बागपत के 14, मुजफ्फरनगर के 17 और बुलंदशहर के 20 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा आयोजित की गई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुजफ्फरनगर में अभ्यर्थियों और उनके परिजनों ने रोडवेज किराए में 50 प्रतिशत छूट के फैसले का स्वागत किया।

नकलविहीन परीक्षा पर विशेष जोर

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। बायोमेट्रिक सत्यापन, लाइव सीसीटीवी मॉनिटरिंग और कंट्रोल रूम से निगरानी की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नकल या फर्जीवाड़े में शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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