UP पुलिस भर्ती परीक्षा से पहले बोर्ड की सख्त चेतावनी, सॉल्वर पकड़े गए तो संपत्ति होगी कुर्क

प्रश्नपत्र पर सोशल मीडिया में चर्चा भी अपराध, दूसरी बार दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास तक की सजा

UP Police Constable Recruitment Exam 2026: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने सिपाही भर्ती परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को चेतावनी जारी की है। सॉल्वर बनकर परीक्षा देने वालों की संपत्ति कुर्क की जाएगी। पेपर लीक, सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र चर्चा और अनुचित साधनों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने आगामी सिपाही भर्ती परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों और आम लोगों के लिए कड़ी चेतावनी जारी की है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा में किसी दूसरे अभ्यर्थी की जगह सॉल्वर बनकर बैठने वाले व्यक्तियों के खिलाफ न सिर्फ आपराधिक कार्रवाई होगी, बल्कि उनकी चल-अचल संपत्तियां भी कुर्क की जा सकती हैं।

बोर्ड के अपर सचिव भर्ती सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने बताया कि परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति सॉल्वर के रूप में पकड़ा जाता है तो मामले की जांच के बाद विवेचक अपनी रिपोर्ट संबंधित जिले के जिलाधिकारी (डीएम) को भेजेगा, जिसके आधार पर आरोपी की संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की जा सकती है।

सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र की चर्चा भी अपराध

भर्ती बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा के प्रश्नपत्र, उसके कंटेंट, विश्लेषण या संभावित प्रश्नों को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा, प्रसार या प्रचार-प्रसार करना भी कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है। बोर्ड के संज्ञान में आया है कि कुछ लोग परीक्षा से पहले प्रश्नपत्रों और उनसे जुड़े विषयों पर भ्रामक सामग्री प्रसारित कर रहे हैं।

अधिकारियों के अनुसार ऐसी गतिविधियां उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत प्रतिबंधित हैं। परीक्षा की गोपनीयता भंग करने या अनुचित साधनों का प्रयोग करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

सॉल्वर गैंग पर कसा जाएगा शिकंजा

भर्ती बोर्ड ने साफ किया है कि सॉल्वर गिरोह, पेपर लीक कराने वाले नेटवर्क और परीक्षा में धोखाधड़ी करने वाले संगठित अपराधियों के खिलाफ विशेष निगरानी रखी जा रही है। परीक्षा केंद्रों पर उन्नत सुरक्षा व्यवस्था, बायोमेट्रिक सत्यापन और डिजिटल निगरानी के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।

पहली बार में 7 साल, दूसरी बार में उम्रकैद तक सजा

उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत दोषी पाए जाने वालों के लिए कड़े दंड का प्रावधान किया गया है।

  • पहली बार अपराध साबित होने पर अधिकतम 7 वर्ष का कारावास।
  • 10 लाख रुपये तक का जुर्माना।
  • दोबारा अपराध में पकड़े जाने पर आजीवन कारावास।
  • 50 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना।
  • आवश्यक होने पर आरोपी की संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई।

निष्पक्ष परीक्षा कराने पर बोर्ड का जोर

भर्ती बोर्ड ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह, फर्जी सूचना या कथित प्रश्नपत्र से जुड़े संदेशों पर विश्वास न करें। यदि किसी व्यक्ति को परीक्षा से संबंधित संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलती है तो वह तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचित करे।

बोर्ड का कहना है कि भर्ती परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुचित गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक, मनोरंजन और खेल और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button