“NEET पेपर लीक विवाद पर संसद में लगातार हंगामे के बीच केंद्र सरकार चर्चा के लिए तैयार है। पीएम नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक को ‘घोर पाप’ बताया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया। NEET मामले में CBI जांच जारी है।“
नई दिल्ली। NEET पेपर लीक विवाद को लेकर संसद के मानसून सत्र में लगातार दूसरे दिन हंगामा देखने को मिला। विपक्ष ने परीक्षा में कथित गड़बड़ी, पेपर लीक और छात्रों के प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। वहीं सरकार ने साफ किया है कि वह इस मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार NEET विवाद पर विपक्ष की मांग के अनुरूप विस्तृत चर्चा कराने को तैयार है। सरकार का कहना है कि मामले में पहले से ही सख्त कदम उठाए जा रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है।
पीएम मोदी ने NEET पेपर लीक को बताया ‘घोर पाप’
NEET विवाद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक करने वालों को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी ने इसे “घोर पाप” बताते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से मिलकर काम करने की अपील भी की।
CBI जांच जारी, कई आरोपी गिरफ्तार
सरकार की ओर से बताया गया कि NEET पेपर लीक मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है। अब तक इस मामले में 13 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की जांच कर रही हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विपक्ष ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
विपक्ष ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सरकार पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि लाखों छात्रों को इस विवाद से नुकसान पहुंचा है।
राहुल गांधी ने संसद में चर्चा, छात्रों पर कार्रवाई करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कदम और सरकार से जवाब की मांग की है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर सरकार का जवाब
विपक्ष द्वारा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को सरकार ने राजनीति से प्रेरित बताया है।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि शिक्षा मंत्रालय ने मामला सामने आने के बाद सुधारात्मक कदम उठाए और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा रही है।
छात्रों का भरोसा जीतना जरूरी: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने एनडीए सांसदों से कहा कि युवाओं के बीच विश्वास बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ किसी भी तरह का अन्याय नहीं होना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि युवाओं को सही दिशा दिखाना सरकार की जिम्मेदारी है और परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाया जाएगा।
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