
“BRICS Summit 2026 की मेजबानी भारत 12-13 सितंबर को भारत मंडपम में करेगा। PM मोदी पुतिन, शी जिनपिंग समेत ग्लोबल नेताओं की मेजबानी करेंगे। जानें पूरा कार्यक्रम।“
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली BRICS Summit 2026 की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है। भारत 12 और 13 सितंबर को भारत मंडपम में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आयोजित करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस हाई-प्रोफाइल सम्मेलन की मेजबानी करेंगे, जिसमें ब्रिक्स के सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ पार्टनर देशों, आउटरीच इनवाइटीज, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख और अन्य उच्चस्तरीय प्रतिनिधि शामिल होंगे।
ब्रिक्स की 2026 की अध्यक्षता भारत के पास है और इस साल के सम्मेलन की आधिकारिक थीम ‘बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी’ यानी लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास पर आधारित है।
पुतिन के आने की पुष्टि, शी जिनपिंग पर नजर
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन BRICS Summit 2026 में शामिल होंगे। यह दिसंबर 2025 में नई दिल्ली में हुई वार्षिक द्विपक्षीय बैठक के बाद एक साल से भी कम समय में उनका दूसरा भारत दौरा होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अगस्त को बिश्केक में आयोजित SCO Summit के दौरान राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की थी और उन्हें ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने के लिए व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया था।
वहीं चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भी सम्मेलन में आने की उम्मीद है, हालांकि चीन की ओर से उनके दौरे की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। यदि शी जिनपिंग भारत आते हैं तो 2019 के मामल्लापुरम अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के बाद यह उनका पहला भारत दौरा होगा। ऐसे में मोदी-शी की संभावित द्विपक्षीय बैठक पर भी खास नजर रहेगी।
11 सदस्य देशों का प्रभावशाली समूह
ब्रिक्स की शुरुआत ब्राजील, रूस, भारत और चीन के साथ हुई थी। समूह की पहली विदेश मंत्रियों की बैठक 2006 में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान हुई थी। इसके बाद 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में पहला ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आयोजित हुआ।
2011 में दक्षिण अफ्रीका के शामिल होने के बाद समूह का नाम BRICS हुआ। इसके बाद जनवरी 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात को पूर्ण सदस्य बनाया गया। जनवरी 2025 में इंडोनेशिया भी पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल हुआ।
अब ब्रिक्स में 11 पूर्ण सदस्य देश हैं और इसके साथ पार्टनर देशों की संख्या भी बढ़ रही है। आर्थिक और कूटनीतिक दृष्टि से समूह का वैश्विक प्रभाव लगातार बढ़ा है।
कई देशों के शीर्ष नेता होंगे शामिल
BRICS Summit 2026 में कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और शीर्ष नेता हिस्सा लेंगे। इनमें दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद शामिल हैं।
इसके अलावा बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको, कजाखस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नविराकुल के भी सम्मेलन में शामिल होने की जानकारी दी गई है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के भी सम्मेलन में शामिल होने की संभावना है, हालांकि उनकी भागीदारी की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी बताई गई है।
दिल्ली में ट्रैफिक पर भी पड़ेगा असर
दुनिया के कई शीर्ष नेताओं की मौजूदगी को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा और यातायात के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने 35 से ज्यादा ऐसी सड़कों की पहचान की है, जहां सम्मेलन के दौरान यातायात को नियंत्रित या डायवर्ट किया जा सकता है।
इनमें मुख्य रूप से मध्य और दक्षिण दिल्ली तथा आसपास के इलाके शामिल हैं। वीआईपी काफिलों की आवाजाही के दौरान कुछ समय के लिए ट्रैफिक रोकने या वैकल्पिक मार्गों पर भेजने की व्यवस्था भी की जा सकती है।
12 सितंबर से शुरू होगा मुख्य कार्यक्रम
सम्मेलन का मुख्य कार्यक्रम शनिवार, 12 सितंबर 2026 को भारत मंडपम में ब्रिक्स सदस्य देशों के नेताओं के आगमन के साथ शुरू होगा।
इसके बाद नेता ‘Inclusive Global Governance and Strengthening Multilateralism’ विषय पर एक बंद सत्र में हिस्सा लेंगे। इस दौरान वैश्विक शासन व्यवस्था, बहुपक्षवाद और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
इसके बाद ब्रिक्स सदस्य देशों के नेता ‘भारत इनोवेट्स’ प्रदर्शनी का दौरा करेंगे। कार्यक्रम के दौरान भारत की नवाचार और विकास क्षमता को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
फैमिली फोटो और पौधारोपण कार्यक्रम
पहले दिन नेताओं के लिए फैमिली फोटो और संयुक्त पौधारोपण समारोह का भी कार्यक्रम रखा गया है। इसके बाद दिन का आधिकारिक कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भारत मंडपम में आयोजित गाला डिनर के साथ समाप्त होगा।
भारत के लिए कूटनीतिक रूप से अहम सम्मेलन
भारत की अध्यक्षता में हो रहा BRICS Summit 2026 ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में बड़े बदलाव हो रहे हैं। सम्मेलन में सदस्य देशों के बीच सहयोग, नवाचार, स्थिरता और वैश्विक शासन व्यवस्था जैसे मुद्दों पर चर्चा भारत की कूटनीतिक प्राथमिकताओं को भी सामने रखेगी।
खास तौर पर प्रधानमंत्री मोदी की पुतिन और संभावित रूप से शी जिनपिंग के साथ मुलाकातों को वैश्विक स्तर पर काफी अहम माना जा रहा है।
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