दिल्ली प्रदर्शन पर सख्ती: बंगाल से बुलाई गईं CRPF की 20 कंपनियां, पुलिस खंगाल रही ‘बड़ी साजिश’ का एंगल

Delhi Protests: CJP प्रदर्शन और राजनीतिक विरोध के बीच केंद्र सरकार ने दिल्ली में CRPF की 20 अतिरिक्त कंपनियां तैनात करने का फैसला लिया है। हिंसा, तोड़फोड़ और उपद्रव मामले में 6 FIR दर्ज कर पुलिस बड़ी साजिश की जांच कर रही है।

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शनों और संसद के मानसून सत्र को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। केंद्र सरकार ने दिल्ली में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 20 अतिरिक्त कंपनियां तैनात करने का फैसला लिया है।

अधिकारियों के अनुसार, गृह मंत्रालय (MHA) के निर्देश के बाद पश्चिम बंगाल से CRPF की कंपनियों को दिल्ली के लिए एयरलिफ्ट किया जा रहा है। यह कदम CJP प्रदर्शन, विभिन्न राजनीतिक दलों के विरोध कार्यक्रम और संसद सत्र के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है।

बंगाल से दिल्ली भेजी जा रहीं CRPF की 20 कंपनियां

सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक CRPF की करीब 20 कंपनियां पश्चिम बंगाल से दिल्ली भेजी जा रही हैं।

इन कंपनियों को पहले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान तैनात किया गया था। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी राज्य सरकार के अनुरोध पर इन्हें वहीं रखा गया था।

एक CRPF कंपनी में लगभग 100 जवान होते हैं। ऐसे में करीब 2000 अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी दिल्ली में तैनात किए जाएंगे।

प्रदर्शन और संसद सत्र को देखते हुए बढ़ाई गई सुरक्षा

अधिकारियों ने बताया कि हाल के विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसक घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती जरूरी हो गई थी।

दिल्ली पुलिस को पहले ही CRPF और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की करीब 30 कंपनियां उपलब्ध कराई जा चुकी हैं।

इनका इस्तेमाल संवेदनशील इलाकों, संसद क्षेत्र और बड़े प्रदर्शन स्थलों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए किया जा रहा है।

हिंसा और तोड़फोड़ मामले में 6 FIR दर्ज

CJP और किसान संगठनों द्वारा आयोजित “चलो संसद” मार्च के दौरान हुई कथित हिंसा, तोड़फोड़ और अन्य घटनाओं को लेकर दिल्ली पुलिस ने अब तक 6 FIR दर्ज की हैं।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक इन मामलों में बड़ी आपराधिक साजिश के एंगल से भी जांच की जा रही है।

FIR संसद मार्ग, कनॉट प्लेस और अन्य थानों में दर्ज की गई हैं।

किन धाराओं में दर्ज हुए मामले?

पुलिस ने प्रदर्शन से जुड़े मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान रोकथाम अधिनियम के तहत कार्रवाई की है।

मामलों में अवैध जमावड़ा, पुलिसकर्मियों के काम में बाधा, सरकारी कर्मचारियों पर हमला, हिंसा, उपद्रव और आपराधिक साजिश जैसी धाराएं शामिल की गई हैं।

कनॉट प्लेस में पत्थरबाजी का मामला भी दर्ज

पुलिस के अनुसार, कनॉट प्लेस स्थित रीगल सिनेमा के पास हुई कथित पत्थरबाजी और हिंसा को लेकर अलग FIR दर्ज की गई है।

इसके अलावा संसद सत्र के दौरान बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने और कानून व्यवस्था प्रभावित करने से जुड़े मामलों की भी जांच की जा रही है।

दिल्ली पुलिस कर रही ‘बड़ी साजिश’ की जांच

पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच केवल हिंसा की घटनाओं तक सीमित नहीं रहेगी। प्रदर्शन के पीछे किसी बड़ी आपराधिक साजिश की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

सुरक्षा एजेंसियां प्रदर्शन से जुड़े लोगों, घटनास्थल के वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही हैं।

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