“INDIA गठबंधन बैठक में मल्लिकार्जुन खरगे ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई। अगली INDIA Bloc Meeting हैदराबाद में आयोजित होगी। विपक्ष ने महंगाई, बेरोजगारी, SIR और NEET-CBSE मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरा।“
नई दिल्ली। विपक्षी दलों के गठबंधन INDI की अहम बैठक सोमवार को दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित हुई। बैठक में कांग्रेस समेत 23 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के शामिल होने का दावा किया गया। बैठक में आगामी राजनीतिक रणनीति, संसद के मानसून सत्र में समन्वय और राष्ट्रीय मुद्दों पर साझा रुख को लेकर चर्चा हुई।
बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने घोषणा की कि गठबंधन की अगली बैठक अगस्त में हैदराबाद में आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी सहयोगी दलों ने हर दो महीने में नियमित बैठक करने और संसद सत्र के दौरान समन्वय बनाए रखने पर सहमति जताई है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
खरगे ने कहा कि नीट और सीबीएसई परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग पर सभी दल एकमत हैं। उनका आरोप था कि परीक्षा प्रणाली में हुई कथित गड़बड़ियों से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है।
उन्होंने कहा कि गठबंधन ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का निर्णय लिया है और युवाओं के हितों की रक्षा के लिए संयुक्त आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
वोटर लिस्ट पुनरीक्षण पर CJI को पत्र
बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। खरगे ने बताया कि इस मामले में भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजने पर सहमति बनी है। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया में बड़ी संख्या में लोगों के मतदान अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
केंद्र सरकार पर साधा निशाना
बैठक को संबोधित करते हुए खरगे ने केंद्र सरकार पर संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं और विदेश नीति को लेकर भी सरकार की आलोचना की।
खरगे ने कहा कि वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों, बढ़ती बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों पर चर्चा के लिए केंद्र सरकार को तत्काल सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए।
बड़े नेता रहे मौजूद
बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, उमर अब्दुल्ला और तेजस्वी यादव सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
हालांकि, कुछ सहयोगी दलों की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय रही। आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह अब INDI गठबंधन का हिस्सा नहीं है, जबकि डीएमके ने भी बैठक से दूरी बनाई।
विपक्षी एकता पर जोर
बैठक के दौरान विपक्षी दलों ने आगामी राजनीतिक चुनौतियों से निपटने और संसद के भीतर तथा बाहर साझा रणनीति अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। नेताओं ने दावा किया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और जनहित से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष की एकजुटता आगे भी जारी रहेगी।
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