“US-Iran War LIVE Updates: अमेरिका और ईरान के बीच हमले रुकने के बाद वैश्विक बाजारों में राहत दिखी। कच्चे तेल की कीमतों में 7% तक गिरावट आई, जबकि हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव जारी है।“
नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष में फिलहाल अस्थायी विराम के संकेत मिले हैं। दोनों देशों की ओर से सैन्य हमले रुकने के बाद वैश्विक बाजारों में राहत देखने को मिली है। सोमवार को अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई और प्रमुख बेंचमार्क करीब 7 प्रतिशत तक टूट गए।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से बातचीत को मौका देने के संकेत मिलने के बाद ईरान ने भी जवाबी हमले रोकने का संकेत दिया है। हालांकि, दोनों देशों के बीच तनाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
तेल कीमतों में आई बड़ी गिरावट
अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष में कमी आने की उम्मीद से सोमवार को वैश्विक तेल बाजार में भारी बिकवाली देखी गई।
- ब्रेंट क्रूड करीब 7 प्रतिशत गिरकर 91 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया।
- अमेरिकी WTI क्रूड भी 7 प्रतिशत से अधिक गिरकर 85 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार ने इस विराम को तनाव कम होने की दिशा में पहला कदम माना है, हालांकि यह अभी स्थायी समझौता नहीं है।
ईरान बोला- अमेरिका ओमान वार्ता में शामिल नहीं
ईरान के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ओमान के साथ चल रही बातचीत में अमेरिका शामिल नहीं है।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि यह बातचीत केवल ईरान और ओमान के बीच द्विपक्षीय मामला है और जारी है।
उन्होंने कहा कि रणनीतिक हॉर्मुज जलडमरूमध्य अभी भी बंद है।
ईरान ने फ्रांस के राजदूत को किया तलब
ईरान ने फ्रांस के राजदूत को भी तलब किया है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया कि फ्रांसीसी राजनयिकों ने देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप किया।
मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि फ्रांस को ऐसी गतिविधियों को रोकना चाहिए।
हॉर्मुज में छह जहाजों को रोका गया
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि उसने हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश कर रहे छह जहाजों को रोक दिया।
ईरानी मीडिया के मुताबिक, इन जहाजों ने निर्धारित मार्ग का पालन नहीं किया था, जिसके बाद चेतावनी के तौर पर फायरिंग कर उन्हें वापस भेज दिया गया।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है।
अमेरिकी सैनिकों की मौत के आंकड़ों पर उठे सवाल
अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) के आधिकारिक आंकड़ों को लेकर भी विवाद सामने आया है।
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान संघर्ष में मारे गए चार अमेरिकी सैनिकों को अब युद्ध में हुई मौतों की सूची से अलग श्रेणी में दिखाया गया है।
नई श्रेणी ‘ओवरसीज ऑपरेशंस’ में चार सैनिकों के नाम और 207 घायल सैनिकों का उल्लेख किया गया है।
पेंटागन ने इसे आंकड़ों में तकनीकी गड़बड़ी बताया है और कहा है कि इसे जल्द ठीक किया जा रहा है।
ईरान-यूक्रेन तनाव भी बढ़ा
ईरान ने कैस्पियन सागर में अपने एक जहाज पर यूक्रेन के कथित हमले को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
ईरानी विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी कि इस कार्रवाई के परिणाम “अनुमान से बाहर” हो सकते हैं और यह मामला बिना जवाब के नहीं छोड़ा जाएगा।
अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत की संभावना
अमेरिका और ईरान के बीच कई सप्ताह से जारी संघर्ष के बाद अब कूटनीतिक रास्ते तलाशने की कोशिश तेज हुई है।
अमेरिका के संयुक्त राष्ट्र दूत ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप बातचीत को कुछ समय और स्थान देना चाहते हैं। हालांकि अमेरिकी सेना अभी भी पूरी तरह तैयार स्थिति में है।
वहीं ईरान ने कहा है कि वह अपनी संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए तैयार है।
वैश्विक चिंता बरकरार
हालांकि हमलों में कमी आई है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि स्थिति अभी बेहद नाजुक है। यदि संघर्ष दोबारा बढ़ता है तो तेल बाजार, वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ सकता है।
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच दुनिया की नजर अब आने वाली कूटनीतिक बातचीत और हॉर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर टिकी है।
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