“Gonda Rail News: गोंडा जंक्शन और गोंडा कचहरी स्टेशन के बीच तीसरी रेल लाइन का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। 10 जून से 10 जुलाई तक मेगा ब्लॉक रहेगा, जिसके चलते 40 ट्रेनें रद्द और 53 ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित किया गया है। जानिए पूरी जानकारी।“
गोंडा। रेलवे बोर्ड की स्वीकृति मिलने के बाद गोंडा जंक्शन और गोंडा कचहरी रेलवे स्टेशन के बीच तीसरी रेल लाइन के शेष निर्माण कार्य की शुरुआत 10 जून से कर दी गई है। पूर्वोत्तर रेलवे की निर्माण इकाई द्वारा किए जा रहे इस कार्य के पूरा होने के बाद मालगोदाम क्षेत्र में बने प्लेटफॉर्म संख्या सात और आठ से भी ट्रेनों का संचालन शुरू हो सकेगा। परियोजना के तहत करीब पांच किलोमीटर लंबी तीसरी लाइन बिछाई जानी है, जिसके लिए 10 जून से 10 जुलाई तक प्री नॉन-इंटरलॉकिंग और इंटरलॉकिंग कार्य निर्धारित किया गया है।
40 दिनों तक रहेगा मेगा ब्लॉक
निर्माण कार्य को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने इस रूट पर 40 दिनों का मेगा ब्लॉक लागू किया है। इस दौरान इंटरलॉकिंग कार्यों के कारण यात्रियों को बड़ी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। रेलवे ने विभिन्न तिथियों में कुल 40 ट्रेनों को निरस्त करने तथा 53 ट्रेनों के मार्ग में परिवर्तन करने का निर्णय लिया है।
10 जुलाई को होगा सुरक्षा निरीक्षण
पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के जनसंपर्क अधिकारी महेश गुप्ता के अनुसार, बुढ़वल-गोंडा खंड में तीसरी लाइन का अधिकांश कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है। केवल गोंडा कचहरी और गोंडा स्टेशन के बीच लगभग पांच किलोमीटर का कार्य शेष था, जिसे अब पूरा कराया जा रहा है। निर्माण पूरा होने के बाद 10 जुलाई को रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) द्वारा निरीक्षण किया जाएगा।
कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनें प्रभावित
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस अवधि में 16 एक्सप्रेस और 24 पैसेंजर ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। इनमें गोरखपुर-ऐशबाग इंटरसिटी एक्सप्रेस, गोरखपुर-लखनऊ इंटरसिटी, छपरा-आनंद विहार एक्सप्रेस, बलरामपुर-ग्वालियर एक्सप्रेस, गोरखपुर-पुणे एक्सप्रेस तथा अमृतसर जनसेवा एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें शामिल हैं।
इसके अलावा गोंडा से बलरामपुर, नकहा जंगल, गोरखपुर, सीतापुर और बहराइच के बीच चलने वाली कई डेमू और पैसेंजर सेवाएं भी विभिन्न दिनों में निरस्त रहेंगी या उनका मार्ग बदला जाएगा।
यात्रियों को पहले से जानकारी लेने की सलाह
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, हेल्पलाइन या रेलवे पूछताछ केंद्र से अवश्य प्राप्त कर लें। अधिकारियों का कहना है कि तीसरी रेल लाइन का निर्माण पूरा होने के बाद इस खंड की क्षमता बढ़ेगी, ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार होगा और मालगाड़ियों व यात्री ट्रेनों के संचालन में सुविधा मिलेगी।
क्षेत्रीय रेल नेटवर्क को मिलेगा लाभ
तीसरी लाइन परियोजना के पूरा होने से गोंडा जंक्शन पर ट्रैफिक दबाव कम होगा। साथ ही माल परिवहन को नई गति मिलेगी और पूर्वांचल तथा तराई क्षेत्र के यात्रियों को बेहतर रेल सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। रेलवे का मानना है कि यह परियोजना भविष्य की बढ़ती यात्री एवं माल ढुलाई आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक, मनोरंजन और खेल और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”








