NEET में फेल हुआ तो बन गया ‘ब्रिगेडियर’, शाहजहांपुर के अमन की हैरान करने वाली कहानी

डॉक्टर बनने का सपना टूटा तो रचा झूठ का साम्राज्य, माता-पिता को भी रखा अंधेरे में; अब जेल पहुंचा युवक

NEET में असफल होने के बाद शाहजहांपुर के अमन वर्मा ने खुद को भारतीय सेना का ब्रिगेडियर बताकर माता-पिता समेत कई लोगों को गुमराह किया। आर्मी इंटेलिजेंस की जांच में फर्जी पहचान पत्र, वर्दी और अन्य सामान बरामद हुआ।

शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। डॉक्टर बनने का सपना लेकर NEET परीक्षा देने वाले एक युवक ने असफल होने के बाद ऐसा झूठ बोला कि उसके माता-पिता ही नहीं, आसपास के लोग भी उसे भारतीय सेना का अधिकारी समझने लगे। युवक ने खुद को सेना का ब्रिगेडियर बताकर फर्जी पहचान बनाई और लंबे समय तक लोगों को गुमराह करता रहा।

आर्मी इंटेलिजेंस की जांच में पूरा मामला सामने आने के बाद युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने उसके खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

NEET में असफलता बनी झूठ की शुरुआत

पुलिस जांच में सामने आया कि अमन वर्मा का सपना Armed Forces Medical College (AFMC) में प्रवेश लेकर डॉक्टर बनने का था। लेकिन NEET परीक्षा में सफलता नहीं मिलने के बाद वह मानसिक दबाव में आ गया।

पूछताछ में युवक ने बताया कि उसकी मां हृदय रोग से पीड़ित हैं। वह उन्हें निराश नहीं करना चाहता था। इसी वजह से उसने परिवार को बताया कि उसका चयन सेना की मेडिकल कोर में हो गया है और उसे वर्दी पहनने की अनुमति भी मिल गई है।

शुरुआत में परिवार ने बेटे की बात पर भरोसा कर लिया, लेकिन यह झूठ धीरे-धीरे एक बड़े नाटक में बदल गया।

फर्जी ब्रिगेडियर बनकर घूमता रहा

जांच एजेंसियों के अनुसार अमन ने दिल्ली और गुरुग्राम से सेना से संबंधित दिखने वाले कई सामान जुटाए। उसने अपनी पहचान को मजबूत बनाने के लिए फर्जी पहचान पत्र तैयार करवाए और पिता की कार पर ब्रिगेडियर रैंक के प्रतीक चिह्न भी लगवा दिए।

बताया जा रहा है कि वह चालक और निजी सुरक्षा कर्मियों जैसे दिखने वाले लोगों के साथ भी घूमता था, जिससे उसकी पहचान पर किसी को शक न हो।

गिरफ्तारी के बाद पिता से नहीं मिला पाया नजर

जब पूरे मामले का खुलासा हुआ और युवक गिरफ्तार हुआ, तब उसके पिता अनिल वर्मा उससे मिलने पहुंचे। पुलिस सूत्रों के अनुसार अमन अपने पिता की आंखों में आंखें डालकर बात तक नहीं कर पा रहा था।

परिवार को विश्वास नहीं हो रहा था कि जिस बेटे पर उन्हें गर्व था, वह इतने लंबे समय से झूठी पहचान के सहारे जीवन जी रहा था।

आर्मी इंटेलिजेंस ने किया बड़ा खुलासा

मामले की जानकारी मिलने के बाद आर्मी इंटेलिजेंस ने जांच शुरू की। पूछताछ और दस्तावेजों की जांच में पता चला कि युवक का भारतीय सेना से कोई संबंध नहीं है।

जांच पूरी होने के बाद उसे स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया। इसके बाद नायब सूबेदार अमित कुमार की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया।

पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया?

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से कई संदिग्ध और फर्जी सामान बरामद किए हैं। इनमें—

  • फर्जी पहचान पत्र
  • सेना जैसी कैप और वर्दी संबंधी सामग्री
  • कार पर लगा रैंक प्रतीक चिह्न
  • विजिटिंग कार्ड
  • दो मोबाइल फोन
  • डेबिट कार्ड
  • स्टेथोस्कोप
  • टैबलेट
  • चालक का पहचान पत्र

शामिल हैं।

युवाओं पर बढ़ते दबाव का संकेत

यह मामला केवल एक धोखाधड़ी का नहीं, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं में असफलता के बाद युवाओं पर बढ़ते मानसिक दबाव की भी ओर संकेत करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि असफलता को छिपाने की प्रवृत्ति और सामाजिक अपेक्षाओं का बोझ कई बार युवाओं को गलत रास्ते पर धकेल देता है।

फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।

“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक, मनोरंजन और खेल और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button