“लखनऊ के मोहनलालगंज में नाबालिग किशोरी के अपहरण के बाद होटल में बंधक बनाकर दुष्कर्म करने के मामले में 70 वर्षीय मुख्य आरोपी समेत पांच लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर अपहरण, दुष्कर्म और POCSO एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।“
लखनऊ। राजधानी के मोहनलालगंज क्षेत्र में एक नाबालिग किशोरी के कथित अपहरण और तीन दिनों तक होटल में बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी 70 वर्षीय बुजुर्ग सहित पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। सभी आरोपियों के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
परिवार की शिकायत पर शुरू हुई जांच
अपर पुलिस आयुक्त (दक्षिण) आर. वसंत कुमार के अनुसार, मोहनलालगंज क्षेत्र की एक महिला ने 24 जुलाई को शिकायत दर्ज कराई कि उसकी नाबालिग ननद 17 जुलाई से लापता थी। काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चला। बाद में परिजनों को जानकारी मिली कि गांव के ही कुछ लोग उसे अपने साथ ले गए थे। इसके बाद पीड़िता के वापस आने पर उसने पूरी घटना की जानकारी परिवार को दी।
होटल में तीन दिन तक बंधक बनाए रखने का आरोप
पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने बयान में आरोप लगाया कि उसे रायबरेली रोड स्थित एक होटल में ले जाकर 18 से 20 जुलाई तक बंधक बनाकर रखा गया। इसी दौरान एक 70 वर्षीय व्यक्ति ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि अन्य आरोपी उसे होटल तक ले जाने, वहां ठहराने और बंधक बनाए रखने में शामिल थे।
पांच आरोपी गिरफ्तार, पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज
पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी द्वारिका रैदास समेत विनोद रावत, दुर्गेश रावत, खुशबू और राबिया को गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं, पॉक्सो एक्ट और अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
साजिश के तहत वारदात को अंजाम देने का आरोप
प्रारंभिक जांच में पुलिस का कहना है कि वारदात पूर्व नियोजित प्रतीत होती है। जांच के अनुसार, कुछ आरोपियों ने कथित रूप से किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने की योजना बनाई, जबकि अन्य ने होटल में ठहराने और मुख्य आरोपी तक पहुंचाने में भूमिका निभाई। पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों की जांच कर रही है।
होटल प्रबंधन की भूमिका भी जांच के दायरे में
पुलिस ने बताया कि जिस होटल में पीड़िता को ठहराए जाने का आरोप है, वहां के रजिस्टर, पहचान संबंधी दस्तावेज और सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि होटल प्रबंधन ने नियमों का पालन किया था या नहीं और मामले में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता तो नहीं है।
पुलिस का कहना है कि विवेचना जारी है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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