गोमती पुस्तक महोत्सव: लखनऊ में 250 स्टॉल, सीएम योगी ने ‘Exam Warriors’ को बताया प्रेरणादायी

गोमती पुस्तक महोत्सव: लखनऊ में नौ दिवसीय गोमती पुस्तक महोत्सव में 250 स्टॉल लगाए गए हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने छात्रों और युवाओं को ‘Exam Warriors’ पढ़ने की सलाह दी और पुस्तक महोत्सव को ज्ञान-साहित्य का बड़ा मंच बताया।

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में आयोजित गोमती पुस्तक महोत्सव किताबों, साहित्य, ज्ञान और विचारों का बड़ा मंच बनकर सामने आया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुस्तक महोत्सव को विद्यार्थियों और युवाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए कहा कि अगले नौ दिनों तक हजारों छात्र और युवा अलग-अलग विषयों की ज्ञानवर्धक, रोचक और मनोरंजक पुस्तकों से रूबरू होंगे।

इस बार गोमती पुस्तक महोत्सव में पुस्तकों के स्टॉल की संख्या में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। पहले जहां करीब 80 स्टॉल लगाए जाते थे, वहीं इस बार इनकी संख्या बढ़कर 250 हो गई है। इससे पाठकों को विभिन्न विधाओं और विषयों की पुस्तकों का व्यापक विकल्प मिलेगा।

250 स्टॉल पर साहित्य से लेकर ज्ञान-विज्ञान तक की किताबें

गोमती पुस्तक महोत्सव में साहित्य, इतिहास, संस्कृति, शिक्षा, ज्ञान-विज्ञान, व्यक्तित्व विकास और मनोरंजन समेत विभिन्न विषयों की पुस्तकें उपलब्ध हैं। विद्यार्थियों और युवाओं के लिए पाठ्यक्रम से अलग विषयों को पढ़ने और नई जानकारी हासिल करने का भी यह अवसर है।

पुस्तक महोत्सव को केवल किताबों की खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं रखा गया है। यहां पुस्तक विमोचन, लेखकों के साथ संवाद और साहित्यिक गतिविधियों के जरिए पाठकों को रचनाकारों के विचारों से सीधे जुड़ने का अवसर भी मिलेगा।

लेखकों और महापुरुषों की जीवन यात्रा समझने का मौका

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पुस्तकों के माध्यम से लोग विभिन्न लेखकों और महापुरुषों के जीवन, संघर्ष और विचारों को समझ सकते हैं। आत्मकथाएं और जीवनियां पाठकों को उन व्यक्तित्वों की यात्रा से परिचित कराती हैं, जिन्होंने अपने क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

उन्होंने पुस्तक पढ़ने की आदत को ज्ञान और सोच का दायरा बढ़ाने वाला माध्यम बताया। पुस्तक महोत्सव में युवाओं को अपनी रुचि के अनुसार अलग-अलग विषयों की किताबें चुनने और नए विचारों से परिचित होने का अवसर मिलेगा।

सीएम योगी ने ‘Exam Warriors’ का किया विशेष उल्लेख

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पुस्तक ‘Exam Warriors’ का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पुस्तक महोत्सव के दौरान बच्चों को इस पुस्तक की प्रतियां भी वितरित की गईं।

सीएम योगी ने कहा कि बच्चों को ‘Exam Warriors’ को देखना, पढ़ना और उसमें दिए गए मूलमंत्रों को जीवन में अपनाना चाहिए। उनके अनुसार यह पुस्तक केवल स्कूली विद्यार्थियों के लिए ही नहीं, बल्कि युवाओं और अन्य नागरिकों के लिए भी प्रेरणादायी हो सकती है।

जीवन में सिर्फ परीक्षा नहीं, हर मोड़ पर होती है चुनौती

मुख्यमंत्री ने परीक्षा के व्यापक अर्थ को समझाते हुए कहा कि जीवन में व्यक्ति को अलग-अलग चरणों में विभिन्न प्रकार की परीक्षाओं और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। कभी डिग्री हासिल करने के लिए परीक्षा होती है तो कभी किसी सर्टिफिकेट कोर्स के लिए। इसके अलावा जीवन की परिस्थितियां भी व्यक्ति के आत्मविश्वास, धैर्य और क्षमता की परीक्षा लेती हैं।

ऐसे समय में जब व्यक्ति का आत्मविश्वास कमजोर पड़ने लगता है, ‘Exam Warriors’ जैसी पुस्तक मार्गदर्शन और प्रेरणा देने में उपयोगी हो सकती है।

प्राचीन ज्ञान परंपरा और आधुनिक ज्ञान के बीच बने सेतु

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुस्तक महोत्सवों को भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और आधुनिक ज्ञान के बीच सेतु बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उनकी प्रेरणा से शिक्षा मंत्रालय देश के विभिन्न हिस्सों में पुस्तक महोत्सवों के माध्यम से पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा दे रहा है।

ऐसे आयोजनों का उद्देश्य युवाओं को किताबों से जोड़ने के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक संदर्भों में नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी है।

लखनऊ की साहित्यिक विरासत का भी हुआ उल्लेख

मुख्यमंत्री ने लखनऊ की साहित्यिक और सांस्कृतिक पहचान का उल्लेख करते हुए कहा कि राजधानी लंबे समय से साहित्य और संस्कृति का प्रमुख केंद्र रही है। लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों ने देश को अनेक ऐसे साहित्यकार दिए हैं, जिनकी रचनाओं ने भारतीय साहित्य को समृद्ध किया।

गोमती पुस्तक महोत्सव इसी साहित्यिक विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने का माध्यम बन सकता है। युवाओं को किताबों और साहित्य से जोड़कर ऐसे आयोजन पढ़ने की संस्कृति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

नैमिषारण्य की ज्ञान परंपरा से भी जोड़ा आयोजन

मुख्यमंत्री ने लखनऊ के आसपास की प्राचीन ज्ञान परंपरा के केंद्र नैमिषारण्य का भी उल्लेख किया। उन्होंने इसे भारतीय ज्ञान परंपरा, वैदिक चिंतन और पुराणिक परंपरा की दृष्टि से महत्वपूर्ण भूमि बताया।

लखनऊ से लगभग 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित नैमिषारण्य का संदर्भ देते हुए मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को वर्तमान पीढ़ी से जोड़ने पर जोर दिया।

युवाओं को किताबों के साथ संवाद का मंच

गोमती पुस्तक महोत्सव की खासियत यह है कि यहां युवाओं और विद्यार्थियों को केवल किताबें देखने और खरीदने का अवसर नहीं मिलेगा, बल्कि वे लेखकों, साहित्यकारों और विचारों से भी सीधे जुड़ सकेंगे।

नौ दिनों तक चलने वाला यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। पाठ्यक्रम से इतर साहित्य, जीवनी, आत्मकथा, इतिहास, संस्कृति और ज्ञान-विज्ञान की किताबें युवाओं के पढ़ने के दायरे को विस्तृत कर सकती हैं।

250 स्टॉल के साथ बढ़ा महोत्सव का दायरा

कुल मिलाकर, गोमती पुस्तक महोत्सव लखनऊ में पुस्तक प्रेमियों, विद्यार्थियों और युवाओं के लिए ज्ञान और साहित्य का व्यापक मंच बनकर उभरा है। 80 से बढ़कर 250 स्टॉल तक पहुंचा आयोजन का विस्तार इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।

नौ दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में किताबों, लेखकों और विचारों से जुड़ने का अवसर नई पीढ़ी को पढ़ने की संस्कृति से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है।

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