“RBI के नए NBFC नियमों के बाद Tata Sons के IPO की संभावनाएं बढ़ गई हैं, जिसका असर Tata Chemicals के शेयरों पर दिखा। कंपनी का स्टॉक 6 फीसदी तक उछल गया और निवेशकों में उत्साह बढ़ गया।“
नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नए नियामकीय फैसले के बाद गुरुवार को टाटा समूह की कंपनी टाटा केमिकल्स के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली। कारोबार के दौरान कंपनी का शेयर छह प्रतिशत से अधिक उछल गया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस तेजी के पीछे टाटा संस के संभावित आईपीओ को लेकर बढ़ी उम्मीदें प्रमुख कारण हैं।
दरअसल, आरबीआई ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के लिए ‘अपर लेयर’ श्रेणी के नियमों में बदलाव करते हुए इस वर्ग के लिए एक लाख करोड़ रुपये की परिसंपत्ति सीमा निर्धारित की है। इस फैसले के बाद टाटा संस जैसी बड़ी कंपनियों के लिए सार्वजनिक सूचीबद्धता यानी आईपीओ की संभावनाएं फिर से चर्चा में आ गई हैं।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार टाटा केमिकल्स के पास टाटा संस में लगभग तीन प्रतिशत हिस्सेदारी है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 20 हजार करोड़ रुपये बताई जा रही है। यदि भविष्य में टाटा संस का आईपीओ आता है, तो इस हिस्सेदारी का वास्तविक मूल्य सामने आएगा और इससे टाटा केमिकल्स की वित्तीय स्थिति को बड़ा लाभ मिल सकता है।
यही कारण है कि निवेशकों ने गुरुवार को टाटा केमिकल्स के शेयरों में जमकर खरीदारी की, जिसके चलते कंपनी के शेयरों में कई महीनों बाद इतनी बड़ी तेजी दर्ज की गई।
आरबीआई के नए नियमों के अनुसार, वे एनबीएफसी जिनकी कुल परिसंपत्तियां एक लाख करोड़ रुपये या उससे अधिक होंगी, उन्हें ‘अपर लेयर’ श्रेणी में रखा जाएगा। इस श्रेणी की कंपनियों पर अधिक सख्त नियामकीय मानदंड लागू होंगे।
केंद्रीय बैंक ने यह भी स्पष्ट किया है कि एनबीएफसी वर्गीकरण से जुड़े परिसंपत्ति मानकों की समीक्षा हर तीन वर्ष में की जाएगी। उद्योग जगत की ओर से परिसंपत्ति सीमा बढ़ाने की मांग की गई थी, लेकिन आरबीआई ने इसे स्वीकार नहीं किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भविष्य में टाटा संस के सूचीबद्ध होने की दिशा में कोई ठोस कदम उठता है, तो इसका सकारात्मक प्रभाव टाटा समूह की उन कंपनियों पर भी पड़ सकता है जिनकी उसमें हिस्सेदारी है। फिलहाल बाजार इसी संभावना को ध्यान में रखकर टाटा केमिकल्स के शेयरों में उत्साह दिखा रहा है।
“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक, मनोरंजन और खेल और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”









