BREAKING: राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा, ट्रस्ट में हड़कंप

SIT रिपोर्ट के बाद कार्रवाई तेज, ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक जांच के दायरे में; राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला अयोध्या में बड़ा मोड़ ले चुका है। ट्रस्ट महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है। SIT जांच जारी है और अब तक 8 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। जानिए पूरी रिपोर्ट।

अयोध्या। राम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े चढ़ावा (दान) चोरी मामले ने बड़ा मोड़ ले लिया है। ताज़ा घटनाक्रम में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। दोनों ने ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास को अपना इस्तीफा सौंपा है। इसके साथ ही मंदिर निर्माण से जुड़े प्रभारी गोपाल राव को भी प्रशासनिक जिम्मेदारियों से हटाए जाने की जानकारी सामने आई है।

सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट और लगातार बढ़ते विवाद के बाद सामने आई है। एक सप्ताह पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या दौरे से चंपत राय की दूरी को भी इस घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा था।

8 गिरफ्तार, करोड़ों की हेराफेरी का आरोप

पुलिस ने इस मामले में अब तक कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू सहित ट्रस्ट से जुड़े कर्मचारी और काउंटिंग स्टाफ शामिल हैं। आरोप है कि दानपात्रों से प्राप्त चढ़ावे में भारी हेराफेरी और चोरी की गई, तथा अवैध रूप से संपत्तियां भी बनाई गईं।

पुलिस सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रही है। इससे पहले ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर FIR दर्ज की गई थी।

ट्रस्ट व्यवस्था पर उठे सवाल

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, जो राम मंदिर निर्माण और संचालन की प्रमुख संस्था है, में यह विवाद गहराने के बाद आंतरिक प्रशासन पर भी सवाल उठने लगे हैं। ट्रस्ट में महंत नृत्य गोपाल दास अध्यक्ष हैं, जबकि के. परासरण, गोविंद देव गिरी, नृपेंद्र मिश्रा सहित कई वरिष्ठ सदस्य इसकी संरचना का हिस्सा हैं।

राजनीतिक बयानबाज़ी तेज

इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद संजय राउत ने दान में दी गई चांदी की ईंट के गायब होने पर सवाल उठाए हैं। वहीं आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि “छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर बड़े लोगों को बचाया जा रहा है।”

कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने भी सवाल उठाते हुए कहा कि बिना बड़े स्तर की मिलीभगत के इतना बड़ा घोटाला संभव नहीं है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि SIT की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, “दूध का दूध और पानी का पानी किया जाएगा। आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को कठोर सजा मिलेगी।”

जांच और आगे की कार्रवाई

SIT ने 23 जून को प्रारंभिक रिपोर्ट राज्य गृह विभाग को सौंपी थी। जांच के बाद मामले में तेजी आई और प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलाव देखे जा रहे हैं। पुलिस और जांच एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क और लेन-देन की गहन जांच में जुटी हैं।

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