
“KGMU VC प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद को राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने दोबारा कुलपति नियुक्त किया है। उनका नया कार्यकाल तीन वर्ष का होगा। उन्होंने पहली बार 10 अगस्त 2023 को KGMU कुलपति का पद संभाला था।“
KGMU की कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद को एक बार फिर किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU), लखनऊ की कमान सौंपी गई है। राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने उन्हें दूसरे कार्यकाल के लिए कुलपति नियुक्त किया है। राज्यपाल सचिवालय की ओर से रविवार को नियुक्ति आदेश जारी किया गया। उनका नया कार्यकाल तीन वर्ष का होगा।
लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी को लगातार दूसरी बार प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद के रूप में कुलपति मिला है। चिकित्सा और शोध के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद ने पहली बार 10 अगस्त 2023 को KGMU के कुलपति का पद संभाला था। अब उन्हें दोबारा इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए नियुक्त किया गया है।
राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की ओर से उनकी पुनर्नियुक्ति का आदेश जारी किया गया। नए कार्यकाल की अवधि तीन वर्ष निर्धारित की गई है।
2023 में पहली बार संभाली थी जिम्मेदारी
प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद ने 10 अगस्त 2023 को पहली बार KGMU की कुलपति के रूप में कार्यभार संभाला था। उनके पहले कार्यकाल के बाद अब उन्हें दोबारा विश्वविद्यालय का नेतृत्व करने का अवसर मिला है।
KGMU उत्तर प्रदेश के प्रमुख चिकित्सा शिक्षण एवं शोध संस्थानों में शामिल है। ऐसे में कुलपति के रूप में उनकी पुनर्नियुक्ति को विश्वविद्यालय के प्रशासनिक और अकादमिक नेतृत्व की निरंतरता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पद्मश्री से सम्मानित हैं प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद
प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद चिकित्सा क्षेत्र में अपने योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित हो चुकी हैं। भारत सरकार ने उन्हें 26 जनवरी 2025 को पद्मश्री सम्मान प्रदान किया था।
वह भारतीय इम्यूनोलॉजिस्ट और हीमैटोलॉजिस्ट हैं। चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और स्वास्थ्य क्षेत्र में उनका लंबा अनुभव रहा है। KGMU की कुलपति के रूप में उनके दूसरे कार्यकाल में भी विश्वविद्यालय की शिक्षा, शोध और चिकित्सा सेवाओं से जुड़े कार्यों पर विशेष ध्यान रहने की उम्मीद है।
वैज्ञानिक परिवार से रहा है गहरा संबंध
प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद का परिवार भी विज्ञान और चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र से गहराई से जुड़ा रहा है। उनके पिता पद्मश्री डॉ. नित्यानंद केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान (CDRI) के प्रसिद्ध वैज्ञानिक और निदेशक रहे थे।
डॉ. नित्यानंद को भारत की पहली गैर-स्टेरॉयड गर्भनिरोधक गोली ‘सहेली’ के विकास से जुड़े प्रमुख वैज्ञानिक के रूप में जाना जाता है। वैज्ञानिक पृष्ठभूमि वाले परिवार से आने वाली प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद ने भी चिकित्सा और अनुसंधान के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है।
KGMU के लिए अगले तीन साल अहम
दूसरे कार्यकाल के दौरान प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद के सामने KGMU की चिकित्सा शिक्षा, शोध, मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और संस्थान की अकादमिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां रहेंगी।
राज्यपाल सचिवालय से जारी नियुक्ति आदेश के साथ ही उनके अगले तीन वर्षीय कार्यकाल को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है।








