“The Paradise X Review: नानी की फिल्म ‘द पैराडाइज’ 24 सितंबर को रिलीज हो गई। शुरुआती दर्शक प्रतिक्रियाओं में नानी की एक्टिंग और विजुअल्स की तारीफ के साथ कहानी और सेकंड हाफ पर आलोचना भी हुई।“
हैदराबाद। नेचुरल स्टार नानी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘द पैराडाइज’ (The Paradise) 24 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। श्रीकांत ओडेला के निर्देशन में बनी इस एक्शन ड्रामा को रिलीज से पहले ही जबरदस्त चर्चा मिली थी। पेड प्रीमियर और शुरुआती शो के बाद अब सोशल मीडिया पर दर्शकों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं।
शुरुआती प्रतिक्रियाओं में फिल्म को लेकर मिली-जुली राय देखने को मिल रही है। कुछ दर्शकों ने नानी की परफॉर्मेंस, फिल्म की दुनिया और विजुअल प्रेजेंटेशन की तारीफ की है, जबकि कुछ दर्शकों ने स्क्रीनप्ले, एडिटिंग और खासकर दूसरे हाफ को लेकर निराशा जाहिर की है।
नानी की एक्टिंग को मिली तारीफ
फिल्म में नानी ने जदल का किरदार निभाया है। शुरुआती रिव्यू में अभिनेता के प्रदर्शन को फिल्म की प्रमुख खूबियों में गिना गया है।
‘द पैराडाइज’ पर अपनी समीक्षा में इंडिया टुडे ने भी नानी की परफॉर्मेंस को फिल्म की ऐसी खासियत माना जो कमजोर हिस्सों के बावजूद दर्शकों को जोड़े रखती है। समीक्षा में फिल्म की कहानी को बिखरी हुई बताते हुए उसके अलग-अलग विचारों को एक मजबूत नैरेटिव में पिरोने की कमी की ओर इशारा किया गया है।
सेकंड हाफ को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा
सोशल मीडिया पर फिल्म देखने वाले कुछ दर्शकों ने शुरुआती हिस्से को बेहतर बताया, लेकिन इंटरवल के बाद कहानी की रफ्तार और प्रस्तुति को लेकर सवाल उठाए।
कुछ प्रतिक्रियाओं में दूसरे हाफ को धीमा और कमजोर बताया गया, जबकि अन्य दर्शकों ने पूरी फिल्म को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। यही वजह है कि रिलीज के शुरुआती घंटों में The Paradise X Review पूरी तरह एकतरफा नजर नहीं आ रहा है।
क्रिटिक्स ने कहानी और स्क्रीनप्ले पर उठाए सवाल
इंडिया टुडे की समीक्षा के अनुसार फिल्म में उत्पीड़न, पहचान, बदला और प्रतिरोध जैसे कई विषयों को उठाया गया है, लेकिन इन्हें एक सुसंगत कहानी में जोड़ने की चुनौती फिल्म के लिए समस्या बनती है। समीक्षा में नानी के प्रदर्शन और अनिरुद्ध रविचंदर के संगीत को राहत देने वाले पहलुओं के रूप में देखा गया है।
द टाइम्स ऑफ इंडिया की समीक्षा ने फिल्म की दुनिया और नानी के प्रदर्शन को रेखांकित करते हुए इसे 2.5/5 की रेटिंग दी है। समीक्षा में 1980 के दशक के सिकंदराबाद और सवारी समुदाय की पृष्ठभूमि का उल्लेख किया गया है।
फिल्म की दुनिया और विजुअल्स को भी मिली तारीफ
कुछ समीक्षाओं में फिल्म के माहौल और विजुअल ट्रीटमेंट को सकारात्मक पक्ष माना गया है। मनीकंट्रोल की समीक्षा में फिल्म की महत्वाकांक्षी वर्ल्ड-बिल्डिंग, रॉ वातावरण और नानी के जदल के किरदार को प्रमुख आकर्षण बताया गया, हालांकि समीक्षा में यह भी कहा गया कि दूसरे हिस्से में फिल्म अपनी पकड़ खोती हुई महसूस होती है।
राघव जुयाल को लेकर भी आई अलग-अलग प्रतिक्रिया
फिल्म में राघव जुयाल भी अहम भूमिका में हैं। शुरुआती सोशल मीडिया प्रतिक्रियाओं में उनके अभिनय को लेकर भी अलग-अलग राय सामने आई है। कुछ दर्शकों ने उनके प्रदर्शन की आलोचना की, जबकि अन्य प्रतिक्रियाओं में फिल्म की पूरी कास्ट की तारीफ देखने को मिली।
फिल्म के प्री-रिलीज इवेंट में राघव जुयाल ने अपने चर्चित स्लो-मोशन डांस मूव्स भी दिखाए थे और नानी ने उनकी एनर्जी की तारीफ की थी।
रिलीज से पहले एडवांस बुकिंग में बनाया रिकॉर्ड
‘द पैराडाइज’ को रिलीज से पहले बॉक्स ऑफिस पर मजबूत बुकिंग मिली। द टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, 24 सितंबर की सुबह तक ट्रेड ट्रैकर Sacnilk के हवाले से फिल्म की एडवांस बुकिंग छह शो डेट्स के लिए 40.86 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी, जिसमें ब्लॉक सीटें भी शामिल थीं।
Sacnilk के अपडेटेड आंकड़ों में इसके बाद एडवांस बुकिंग और बढ़कर करीब 49.98 करोड़ रुपये बताई गई, हालांकि इन आंकड़ों में ब्लॉक सीटों को शामिल किए जाने की वजह से सामान्य टिकट बिक्री से इसकी सीधी तुलना सावधानी से करनी चाहिए।
1980 के दशक के सिकंदराबाद की कहानी
‘द पैराडाइज’ की कहानी 1980 के दशक के सिकंदराबाद की पृष्ठभूमि में रखी गई है। फिल्म में नानी का किरदार जदल एक हाशिए पर रह रहे समुदाय के लोगों के लिए आवाज उठाता है और उनके अधिकार, पहचान तथा सम्मान की लड़ाई लड़ता है।
फिल्म का निर्देशन श्रीकांत ओडेला ने किया है। यह नानी और ओडेला की ‘दशहरा’ के बाद दूसरी फिल्म है। संगीत अनिरुद्ध रविचंदर ने दिया है। फिल्म में नानी के साथ राघव जुयाल, कायादु लोहार, मोहन बाबू और सोनाली कुलकर्णी सहित कई कलाकार नजर आते हैं।
तो टिकट खरीदने से पहले क्या जानें?
अगर आप The Paradise X Review के आधार पर फिल्म देखने का फैसला कर रहे हैं, तो शुरुआती तस्वीर यह है कि फिल्म को लेकर दर्शकों की राय एक जैसी नहीं है। नानी की परफॉर्मेंस, फिल्म का विजुअल ट्रीटमेंट और कुछ एक्शन सीक्वेंस तारीफ पाने वाले पहलुओं में हैं, जबकि कहानी की निरंतरता, एडिटिंग और दूसरे हाफ को लेकर आलोचना सामने आई है।
इसलिए शुरुआती सोशल मीडिया प्रतिक्रियाओं को फिल्म की अंतिम राय मानने के बजाय अलग-अलग दर्शक और क्रिटिक रिव्यू के रूप में देखना उचित होगा। रिलीज के शुरुआती घंटों में फिल्म पर प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं।
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