“West Bengal DA Arrears: पश्चिम बंगाल सरकार ने 2008 से 2015 तक के बकाया DA का एकमुश्त भुगतान करने का फैसला किया है। जानें GPF, बैंक खाते और भुगतान के नियम।“
कोलकाता: Bengal Govt Employees DA को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए अहम घोषणा की है। राज्य के फाइनेंस डिपार्टमेंट की ऑडिट ब्रांच ने 2008 से 2015 की अवधि के बकाया महंगाई भत्ते (DA) के भुगतान को लेकर अधिसूचना जारी की है। इसके तहत निर्धारित अवधि का बकाया DA एकमुश्त भुगतान किया जाएगा।
यह फैसला ऐसे समय आया है जब राज्य में दुर्गापूजा का प्रमुख त्योहार नजदीक है। हालांकि, बकाया DA के भुगतान के लिए कर्मचारियों की श्रेणी और GPF से जुड़े अलग-अलग नियम निर्धारित किए गए हैं।
1 अप्रैल 2008 से 31 दिसंबर 2015 तक का DA
अधिसूचना के अनुसार, 1 अप्रैल 2008 से 31 दिसंबर 2015 के बीच की अवधि का बकाया महंगाई भत्ता दिया जाएगा। इसकी गणना 100 प्रतिशत न्यूट्रलाइजेशन अथवा अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI) के आधार पर निर्धारित व्यवस्था के अनुसार की जाएगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस अवधि की बकाया राशि का भुगतान एक ही किस्त में किया जाएगा।
पहले भी जारी हो चुके हैं बकाया DA को लेकर आदेश
बकाया महंगाई भत्ते से जुड़ा यह आदेश पहली बार नहीं आया है। मार्च 2026 में जारी किए गए दो अलग-अलग नोटिफिकेशन में 1 जनवरी 2016 से 31 दिसंबर 2019 की अवधि के बकाया DA के भुगतान से संबंधित प्रावधान बताए गए थे।
नए भुगतान की प्रक्रिया में पहले जारी निर्देशों और निर्धारित नियमों को भी ध्यान में रखा जाएगा।
किस कर्मचारी को कैसे मिलेगा पैसा?
सरकार ने कर्मचारियों की अलग-अलग श्रेणियों के लिए भुगतान का तरीका तय किया है।
ग्रुप A, ग्रुप B और ग्रुप C के सरकारी कर्मचारियों के बकाया DA की राशि उनके General Provident Fund यानी GPF खाते में जमा की जाएगी।
वहीं ग्रुप D के कर्मचारियों के मामले में बकाया DA की राशि सीधे उनके बैंक खाते में भुगतान किए जाने का प्रावधान है।
रिटायरमेंट के करीब कर्मचारियों के लिए अलग नियम
ऐसे कर्मचारी जिनका अंतिम GPF सेटलमेंट लंबित है और जिनकी सेवानिवृत्ति में तीन महीने या उससे कम समय बचा है, उनके लिए अलग व्यवस्था की गई है।
ऐसे कर्मचारियों का बकाया DA उनके GPF खाते में जमा नहीं किया जाएगा, बल्कि सीधे बैंक खाते में भुगतान किया जाएगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य रिटायरमेंट के बेहद करीब पहुंच चुके कर्मचारियों के बकाया भुगतान को GPF खाते की सामान्य प्रक्रिया से अलग रखना है।
31 मार्च 2028 तक GPF निकासी पर पाबंदी
ग्रुप A, B और C के कर्मचारियों के GPF खातों में जमा की जाने वाली बकाया राशि को लेकर भी सरकार ने समयसीमा तय की है।
निर्देश के मुताबिक सामान्य परिस्थितियों में यह रकम 31 मार्च 2028 से पहले एडवांस या फाइनल सेटलमेंट के रूप में नहीं निकाली जा सकेगी।
हालांकि, कर्मचारी के रिटायरमेंट, मृत्यु या इस्तीफे जैसी परिस्थितियों में यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। GPF निकासी से जुड़े मौजूदा नियमों और पाबंदियों को भी निर्धारित अवधि तक जारी रखने की बात कही गई है।
भुगतान से पहले रिकॉर्ड की होगी जांच
सरकार ने बकाया DA का भुगतान करने वाले Drawing and Disbursing Officers (DDO) को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।
DDO को यह सुनिश्चित करना होगा कि कर्मचारी को दी जाने वाली बकाया राशि उसके सेवा रिकॉर्ड और वेतन संबंधी रिकॉर्ड से पूरी तरह मेल खाती हो। यानी भुगतान से पहले DA की गणना और कर्मचारी के रिकॉर्ड का सत्यापन जरूरी होगा।
आयकर कटौती का भी रखना होगा ध्यान
सरकारी निर्देश में आयकर से संबंधित प्रावधान भी शामिल हैं। भुगतान से पहले मौजूदा नियमों के अनुसार लागू आयकर की कटौती करनी होगी।
इसके अलावा यदि 2016 से 2019 की अवधि के किसी बकाया DA भुगतान के समय आयकर की कटौती नहीं हुई थी, तो उस लंबित कर देनदारी को नए भुगतान से पहले समायोजित या वसूल करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
ज्यादा भुगतान हुआ तो होगी वसूली
यदि गणना या क्लेरिकल गलती के कारण किसी कर्मचारी को उसके वास्तविक अधिकार से अधिक बकाया राशि मिल जाती है, तो अतिरिक्त भुगतान को नियमों के अनुसार समायोजित या वसूल किया जा सकता है।
इसलिए भुगतान प्रक्रिया में कर्मचारियों के रिकॉर्ड और DA की गणना का सही होना महत्वपूर्ण होगा।
HRMS पोर्टल में किए जा रहे तकनीकी बदलाव
बकाया DA भुगतान की प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए Human Resource Management System (HRMS) पोर्टल में आवश्यक तकनीकी बदलाव किए जा रहे हैं।
सरकार की ओर से इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश अलग से जारी किए जाने की बात कही गई है। इससे कर्मचारियों के भुगतान और संबंधित रिकॉर्ड को डिजिटल सिस्टम के जरिए व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
कर्मचारियों के लिए क्या है अहम?
इस आदेश का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि 2008 से 2015 की निर्धारित अवधि का बकाया DA एकमुश्त भुगतान के दायरे में आएगा। हालांकि, कर्मचारी को मिलने वाली राशि उसकी संबंधित अवधि के वेतन, सेवा रिकॉर्ड और लागू DA गणना के आधार पर निर्धारित होगी।
साथ ही GPF में राशि जमा होने वाले कर्मचारियों को 31 मार्च 2028 तक निकासी संबंधी नियमों का ध्यान रखना होगा, जबकि रिटायरमेंट के करीब कर्मचारियों के लिए सीधे बैंक खाते में भुगतान की विशेष व्यवस्था है।
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