ई-पंजीकरण व्यवस्था वापस लेने पर अधिवक्ताओं का विजय जुलूस, मुख्यमंत्री का जताया आभार

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ई-पंजीकरण व्यवस्था वापस लिए जाने के बाद मुरादाबाद में बार एसोसिएशन के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने विजय जुलूस निकाला। अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए मंडल स्तरीय न्यायालय और बहुमंजिला चैंबर निर्माण की मांग भी उठाई।

मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा ई-पंजीकरण व्यवस्था को वापस लेने के निर्णय के बाद अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टांप वेंडरों में खुशी का माहौल देखने को मिला। बुधवार को दि बार एसोसिएशन एण्ड लाइब्रेरी मुरादाबाद के नेतृत्व में शहर में विजय जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में अधिवक्ता, कातिब और स्टांप वेंडर शामिल हुए। जुलूस रजिस्ट्री कार्यालय से प्रारंभ होकर कलेक्ट्रेट परिसर तक पहुंचा, जहां प्रतिभागियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया और मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद मोहन गुप्ता ने कहा कि ई-पंजीकरण व्यवस्था लागू होने से अधिवक्ताओं, कातिबों और स्टांप वेंडरों की आजीविका पर संकट के बादल मंडरा रहे थे। सरकार द्वारा इस व्यवस्था को वापस लेने से हजारों परिवारों को राहत मिली है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न्यायिक व्यवस्था से जुड़े लोगों की भावनाओं और समस्याओं को समझते हुए लिया गया है, जिसके लिए मुख्यमंत्री धन्यवाद के पात्र हैं।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान मुरादाबाद में मंडल स्तरीय न्यायालय की स्थापना की मांग भी रखी गई। इस प्रस्ताव में ऋण वसूली न्यायाधिकरण (डीआरटी) कोर्ट, आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए विशेष न्यायालय तथा स्पेशल सीजेएम इनकम टैक्स कोर्ट की स्थापना शामिल है। इसके अतिरिक्त अधिवक्ताओं के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त बहुमंजिला चैंबर निर्माण की मांग भी सरकार के समक्ष रखी गई है।

बार एसोसिएशन के महासचिव कपिल गुप्ता एडवोकेट ने बताया कि चार जून 2026 को जारी शासनादेश के विरोध में अधिवक्ता पिछले 17 दिनों से लगातार धरना-प्रदर्शन और हड़ताल कर रहे थे। इस दौरान न्यायिक कार्य भी प्रभावित हुआ था और अधिवक्ताओं ने सरकार से आदेश वापस लेने की मांग की थी। सरकार द्वारा अधिवक्ताओं की मांग स्वीकार कर आदेश वापस लेने के बाद आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की गई।

उन्होंने कहा कि विजय जुलूस केवल आंदोलन की सफलता का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह सरकार और अधिवक्ताओं के बीच सकारात्मक संवाद और समाधान का उदाहरण भी है। कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचने के बाद अधिवक्ताओं ने मिठाई वितरित कर खुशी मनाई और भविष्य में न्यायिक व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए सरकार से सहयोग की अपेक्षा जताई।

विजय जुलूस में मोहम्मद इस्लाम उर्फ बाबू, मलिक अंसारी, आजम, अंजार हुसैन, आवरण अग्रवाल, आशीष उपाध्याय, रमा पांडेय, जितेन्द्र प्रताप सिंह और पंकज शर्मा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। इसके अलावा स्टांप वेंडर एवं कातिब एसोसिएशन के पदाधिकारी और सदस्य भी बड़ी संख्या में शामिल हुए, जिससे कार्यक्रम एकजुटता और उत्साह का प्रतीक बन गया।

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