“यूपी में जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियां तेज हैं। दिसंबर में संभावित इस चरण में 40 सवालों के जरिए हर व्यक्ति की जानकारी दर्ज होगी। पहली बार जाति भी शामिल होगी।“
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 के दूसरे और अंतिम चरण की तैयारियां तेज हो गई हैं। विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश में जनगणना का बड़ा काम पूरा कराने की तैयारी है। ऐसे में फरवरी में संभावित विधानसभा चुनाव से पहले दिसंबर में ही दूसरे चरण की गणना कराए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इसकी अंतिम तारीख अभी निर्धारित नहीं हुई है।
केंद्र सरकार ने दूसरे चरण में परिवार अनुसूची के तहत पूछे जाने वाले 40 सवालों का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस चरण में पहली बार जाति से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जाएगी। इसके अलावा प्रत्येक व्यक्ति की सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक स्थिति से संबंधित विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी।
18 अगस्त से शुरू होगा राष्ट्रीय प्रशिक्षण
दूसरे चरण की जनगणना के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम 18 अगस्त से शुरू होगा। उत्तर प्रदेश से आठ अधिकारी इसमें हिस्सा लेंगे। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये अधिकारी सितंबर में प्रदेश के मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षित करेंगे।
इसके बाद जिलों में गणनाकर्मियों और पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण की प्रक्रिया शुरू होगी। जनगणना निदेशालय ने प्रशिक्षण के साथ-साथ गणनाकर्मियों की उपलब्धता और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं।
बड़े शहरों में गणनाकर्मियों की कमी बड़ी चुनौती
जनगणना के पहले चरण के दौरान प्रदेश के बड़े शहरों में पर्याप्त गणनाकर्मियों की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आई थी। लखनऊ, गाजियाबाद और नोएडा जैसे महानगरों में बड़ी आबादी और परिवारों की अधिक संख्या के कारण गणना कार्य के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की आवश्यकता महसूस हुई।
इसी अनुभव को देखते हुए दूसरे चरण में बड़े शहरों में गणनाकर्मियों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। पहले चरण में पर्यवेक्षकों और गणनाकर्मियों समेत करीब पांच लाख कर्मियों को लगाया गया था।
पहले चरण में घरों और मकानों की हुई गणना
जनगणना के पहले चरण में 7 से 21 मई तक लोगों को स्वगणना की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। इसके बाद 22 मई से 20 जून तक गणनाकर्मियों ने घर-घर जाकर मकानों की गणना की। इस दौरान 33 सवालों के जवाब दर्ज किए गए थे।
अब दूसरे चरण में मकान के बजाय उसमें रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति की विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी। इसके लिए परिवार अनुसूची में कुल 40 सवाल रखे गए हैं।
नाम से लेकर जाति और रोजगार तक की जानकारी
दूसरे चरण में प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज की जाएंगी। इसमें नाम, उम्र, वैवाहिक स्थिति, धर्म, जाति, शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय, जन्म स्थान और पूर्व निवास जैसी जानकारियां शामिल हैं।
इसके अलावा लोगों की डिजिटल साक्षरता, कोविड टीकाकरण और बैंक खाते से संबंधित जानकारी भी दर्ज की जाएगी। आधार, मोबाइल, मतदाता पहचान पत्र और पासपोर्ट नंबर जैसी जानकारी भी मांगी जा सकती है। हालांकि, ये विवरण उपलब्ध होने पर ही दर्ज किए जाएंगे।
पहली बार जनगणना में जाति की जानकारी
जनगणना-2027 का दूसरा चरण सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसमें जाति संबंधी जानकारी शामिल की गई है, जिससे देश और प्रदेश में विभिन्न सामाजिक समूहों की वास्तविक स्थिति से जुड़े आंकड़े सामने आने की उम्मीद है।
जाति के साथ शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय और अन्य सामाजिक-आर्थिक जानकारियां दर्ज होने से भविष्य में नीतियां और योजनाएं तैयार करने के लिए विस्तृत आंकड़े उपलब्ध हो सकेंगे।
यूपी में करीब छह करोड़ मकानों की गणना
पहले चरण के दौरान प्रदेश के 1.04 लाख गांवों और 14,983 वार्डों में स्थित 3,90,717 मकान सूचीकरण ब्लॉकों में गणना का काम पूरा किया गया। इस दौरान करीब छह करोड़ मकानों की गणना की गई।
इन आंकड़ों के आधार पर प्रदेश की आबादी को लेकर अलग-अलग अनुमान लगाए जा रहे हैं। यदि एक परिवार में औसतन पांच सदस्य माने जाएं तो उत्तर प्रदेश की आबादी 28 से 30 करोड़ के बीच पहुंचने का अनुमान है। हालांकि, प्रदेश की वास्तविक आबादी की स्पष्ट तस्वीर जनगणना के दूसरे चरण के बाद जारी होने वाले आधिकारिक आंकड़ों से ही सामने आएगी।
चुनाव से पहले पूरा करने की तैयारी
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की संभावित समयसीमा को देखते हुए जनगणना का दूसरा चरण प्रशासन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। दिसंबर में गणना कराने की संभावना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके बाद फरवरी में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
हालांकि, केंद्र की ओर से दूसरे चरण की अंतिम तारीख घोषित होना अभी बाकी है। तारीख तय होने के बाद प्रदेश में जिलावार प्रशिक्षण, कर्मचारियों की तैनाती और घर-घर गणना की विस्तृत समय-सारिणी सामने आएगी।









