जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बीच AAP नेता सौरभ भारद्वाज हिरासत में, धारा 163 लागू; 11 मेट्रो स्टेशन बंद

“दिल्ली के जंतर-मंतर पर CEC ज्ञानेश कुमार और SIR के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान AAP नेता सौरभ भारद्वाज समेत कई लोगों को हिरासत में लिया गया। नई दिल्ली जिले में धारा 163 लागू है और कई मेट्रो स्टेशनों के एंट्री-एग्जिट बंद किए गए हैं।“

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर शुक्रवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज समेत कई लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी और नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है।

जंतर-मंतर पहुंचते ही पुलिस ने लिया हिरासत में

सौरभ भारद्वाज शुक्रवार सुबह जंतर-मंतर पहुंचे थे। प्रदर्शन स्थल पर पुलिस और सुरक्षा बलों की भारी तैनाती के बीच उन्हें तथा AAP के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। समाचार एजेंसियों और प्रत्यक्ष रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाया और कई लोगों को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई की।

भारद्वाज ने प्रदर्शन से पहले लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की थी। उन्होंने SIR और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी पार्टी की आपत्तियां भी रखीं।

प्रदर्शन के आयोजकों ने क्या कहा?

प्रदर्शन का आह्वान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), राज्यसभा सांसद मनोज झा और सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण की ओर से किया गया था। आयोजकों ने मतदाता सूचियों के SIR और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर सवाल उठाए तथा CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे या उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग रखी।

आयोजकों का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इन दावों और आरोपों पर चुनाव आयोग का पक्ष अलग है; इसलिए इन्हें प्रदर्शनकारियों के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

नई दिल्ली जिले में धारा 163 लागू

प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू किए हैं। इसके तहत बिना पूर्व अनुमति के पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस, प्रदर्शन, धरना और नारेबाजी पर रोक लगाई गई है।

पुलिस ने लोगों से प्रतिबंधित क्षेत्र में अनधिकृत रूप से एकत्र नहीं होने और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है।

11 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट बंद

प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद किया गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक, सेवा तीर्थ, मंडी हाउस, लोक कल्याण मार्ग, INA, चावड़ी बाजार, रामकृष्ण आश्रम मार्ग और नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन शामिल हैं। कुछ प्रमुख स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहने की जानकारी दी गई है।

बाद के लाइव अपडेट में बाराखंभा रोड मेट्रो स्टेशन के प्रवेश और निकास को भी बंद किए जाने की जानकारी सामने आई, जिससे बंद स्टेशनों की संख्या 12 होने की रिपोर्ट आई।

जंतर-मंतर और आसपास भारी सुरक्षा

प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर और मध्य दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में दिल्ली पुलिस के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की तैनाती की गई। इलाके में बैरिकेडिंग की गई है और प्रवेश-निकास वाले स्थानों पर अतिरिक्त जवान लगाए गए हैं।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी लोगों को जंतर-मंतर, संसद मार्ग, अशोका रोड, टॉल्स्टॉय मार्ग और आसपास की सड़कों से बचने की सलाह दी है। कई मार्गों पर यातायात को नियंत्रित या डायवर्ट किया गया है।

प्रदर्शन के दौरान नेताओं की हिरासत

प्रदर्शन के दौरान सौरभ भारद्वाज के अलावा AAP विधायक संजीव झा समेत अन्य कार्यकर्ताओं को भी पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा। भारद्वाज ने पुलिस हिरासत के दौरान भी समर्थकों से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन जारी रखने की अपील की।

गांधी जयंती पर प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी

प्रदर्शन गांधी जयंती के दिन आयोजित किया गया है। आयोजकों की ओर से इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों को उठाने का माध्यम बताया गया है। वहीं पुलिस ने अनुमति नहीं होने और लागू प्रतिबंधों के कारण लोगों से जंतर-मंतर क्षेत्र में अनधिकृत रूप से एकत्र नहीं होने को कहा है।

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