जी5 से ‘सतलुज’ हटाने पर विवाद तेज, जसवंत सिंह खालरा के वकील बोले- फिल्म में दिखाए गए तथ्य सच हैं

नई दिल्ली। अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ को ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 से हटाए जाने के बाद विवाद बढ़ गया है। फिल्म की स्ट्रीमिंग शुरू होने के महज 48 घंटे बाद इसे प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। अब इस मामले में सिख मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा से जुड़े लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

जसवंत सिंह खालरा की मानवाधिकार टीम से जुड़े रहे वकील नवकिरण सिंह ने फिल्म हटाने के फैसले को गलत बताया है। उनका कहना है कि फिल्म में दिखाए गए कई घटनाक्रम ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित हैं और यह किसी भी तरह खालिस्तान समर्थक भावनाओं को बढ़ावा नहीं देती।

नवकिरण सिंह ने एक मीडिया बातचीत में कहा कि फिल्म की कहानी में पहले ही कुछ बदलाव किए गए थे। उन्होंने दावा किया कि फिल्म का नाम भी बदला गया और कई हिस्सों में कटौती की गई, इसके बावजूद इसे हटाना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि फिल्म में जो घटनाएं दिखाई गई हैं, वे वास्तविक घटनाओं से जुड़ी हैं। उनके मुताबिक, अज्ञात शवों के अंतिम संस्कार से जुड़े हजारों रिकॉर्ड मौजूद हैं और जसवंत सिंह खालरा ने इन्हीं मामलों को सामने लाने का काम किया था।

नवकिरण सिंह ने कहा कि वह जसवंत सिंह खालरा की पत्नी परमजीत कौर खालरा की ओर से सीबीआई मामले में वकील रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि खालरा के काम से जुड़े कई लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

उन्होंने कहा कि मानवाधिकार मामले के रूप में इस प्रकरण पर काम किया गया और कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई गईं। उनका कहना है कि फिल्म को किसी राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।

वकील नवकिरण सिंह ने स्पष्ट किया कि ‘सतलुज’ किसी अलगाववादी विचारधारा को बढ़ावा देने वाली फिल्म नहीं है। उन्होंने कहा कि फिल्म का उद्देश्य एक ऐतिहासिक घटना और मानवाधिकार से जुड़े मुद्दों को सामने रखना है।

हनी त्रेहान के निर्देशन में बनी फिल्म ‘सतलुज’ को 3 जुलाई को जी5 पर रिलीज किया गया था। फिल्म की रिलीज को लेकर कोई बड़ा प्रचार अभियान नहीं चलाया गया था। हालांकि रिलीज के दो दिन बाद ही इसे प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया।

जी5 ने फिल्म हटाने को लेकर विस्तृत कारण नहीं बताया। प्लेटफॉर्म की ओर से सिर्फ इतना कहा गया कि “मौजूदा परिस्थितियों” को देखते हुए फिल्म को अस्थायी रूप से हटाया गया है। साथ ही यह भी कहा गया कि वह फिल्म और उसके निर्माताओं के साथ खड़ा है।

‘सतलुज’ सिख मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित फिल्म है। खालरा पंजाब में उग्रवाद के दौर के दौरान कथित गैर-कानूनी हत्याओं और गुप्त अंतिम संस्कारों के मामलों को उजागर करने के लिए जाने जाते थे।

फिल्म में दिलजीत दोसांझ के अलावा अर्जुन रामपाल, कंवलजीत सिंह, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओल्यान जैसे कलाकार नजर आए हैं। फिल्म के हटाए जाने के बाद अब इसके कंटेंट, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और ऐतिहासिक घटनाओं के चित्रण को लेकर बहस तेज हो गई है।

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