“अमेरिका ने ईरान के करीब 90 सैन्य ठिकानों पर एयर स्ट्राइक का वीडियो जारी किया है। सेंटकॉम ने दावा किया कि हमलों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी सैन्य क्षमता को कमजोर करना था, जबकि ईरान ने अमेरिका को गंभीर जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।“
वॉशिंगटन/तेहरान। अमेरिका ने ईरान के 90 सैन्य ठिकानों पर एयर स्ट्राइक का वीडियो जारी करते हुए दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को नई दिशा दे दी है। अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) द्वारा साझा किए गए वीडियो में ईरान के विभिन्न सैन्य ठिकानों पर सटीक हवाई हमले और उसके बाद हुए बड़े विस्फोट दिखाई दे रहे हैं। वहीं, ईरान ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि अमेरिका ने आगे कोई सैन्य कार्रवाई की तो उसका करारा जवाब दिया जाएगा।
CENTCOM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो साझा करते हुए कहा कि इन हमलों का उद्देश्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में वाणिज्यिक जहाजों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना था।
एयर डिफेंस, मिसाइल और ड्रोन ठिकाने बने निशाना
अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के अनुसार, ऑपरेशन के दौरान ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च साइट, ड्रोन स्टोरेज सेंटर और रणनीतिक कमांड नेटवर्क को निशाना बनाया गया। अमेरिका का दावा है कि इन हमलों से ईरान की सैन्य क्षमताओं को बड़ा नुकसान पहुंचा है।
बताया गया कि अमेरिकी कार्रवाई में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़ी 60 से अधिक तेज रफ्तार नौकाओं को भी नष्ट किया गया।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ा तनाव
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे वाणिज्यिक जहाजों पर ईरानी हमलों के जवाब में की गई। यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में शामिल है, इसलिए यहां बढ़ता तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी असर डाल सकता है।
ईरान ने अमेरिका को दी सीधी चेतावनी
हमले के बाद ईरान ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यदि अमेरिका ने आगे किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई की तो उसका जवाब पहले से अधिक सख्ती से दिया जाएगा।
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका अब भी यह नहीं समझ पाया है कि दबाव और धमकियों की नीति हमेशा सफल नहीं हो सकती।
उन्होंने कहा,
“अगर आप हमला करेंगे तो हम भी पीछे नहीं हटेंगे। हर कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा।”
होर्मुज पर ईरान का दावा
गालिबाफ ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण पूरी तरह ईरान के अधिकार क्षेत्र में रहेगा और इसकी समुद्री गतिविधियों का निर्णय केवल तेहरान करेगा। उन्होंने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि पश्चिमी दबाव से ईरान अपने रणनीतिक फैसले नहीं बदलेगा।
संयुक्त राष्ट्र समेत कई देशों ने संयम बरतने की अपील
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बाद संयुक्त राष्ट्र सहित कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। कूटनीतिक स्तर पर क्षेत्र में बड़े संघर्ष को रोकने के प्रयास तेज हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव और बढ़ा तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार, समुद्री व्यापार और पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति पर पड़ सकता है।
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