“सावन माह में श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में प्रोटोकाल दर्शन पर रोक रहेगी। श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था, बैरिकेडिंग, मेडिकल सुविधा और लाइव दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।“
वाराणसी। सावन माह में श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ नियंत्रण को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार सावन मास के दौरान मंदिर में प्रोटोकाल दर्शन पर पूरी तरह रोक रहेगी। मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए विशेष इंतजाम किए हैं।
सावन माह 30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान लाखों श्रद्धालुओं के काशी पहुंचने की संभावना है। सावन के सोमवार को विशेष भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।
भीड़ नियंत्रण के लिए लगाई जाएगी जिग-जैग रेलिंग और बैरिकेडिंग
सावन में श्रद्धालुओं की लंबी कतार को व्यवस्थित करने के लिए मंदिर परिसर और आसपास के मार्गों पर जिग-जैग रेलिंग और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि सभी श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित तरीके से बाबा विश्वनाथ का दर्शन मिल सके।
मंडलायुक्त एस राजलिंगम और पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में सावन की तैयारियों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाकर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
ऑनलाइन भी कर सकेंगे बाबा विश्वनाथ के दर्शन
जो श्रद्धालु भीड़ के कारण मंदिर नहीं पहुंच पाएंगे, उनके लिए बाबा विश्वनाथ के लाइव दर्शन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। मंदिर न्यास की वेबसाइट और आधिकारिक यूट्यूब चैनल के माध्यम से श्रद्धालु घर बैठे बाबा के दर्शन कर सकेंगे।
इन रास्तों से मिलेगा श्रद्धालुओं को प्रवेश
सावन में श्रद्धालुओं के प्रवेश के लिए कई मार्ग निर्धारित किए गए हैं। श्रद्धालु इन प्रवेश द्वारों से मंदिर में पहुंच सकेंगे—
- गेट नंबर चार
- काशी द्वार मार्ग 4बी
- नंदू फारिया प्रवेश मार्ग
- सिल्को मार्ग
- ढुंढिराज मार्ग
- सरस्वती फाटक
- भैरव द्वार
प्रशासन ने बताया कि गंगा का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में घाट की ओर से श्रद्धालुओं का प्रवेश अस्थायी रूप से रोका जा सकता है।
सावन के सोमवार को बाबा विश्वनाथ का होगा विशेष श्रृंगार
इस बार सावन में चार सोमवार पड़ेंगे। प्रत्येक सोमवार को बाबा विश्वनाथ का अलग-अलग स्वरूप में विशेष श्रृंगार किया जाएगा।
3 अगस्त (पहला सोमवार): श्री शंकर स्वरूप श्रृंगार
10 अगस्त (दूसरा सोमवार): गौरी-शंकर (शंकर-पार्वती) श्रृंगार
17 अगस्त (तीसरा सोमवार): अर्द्धनारीश्वर श्रृंगार
24 अगस्त (चौथा सोमवार): रुद्राक्ष श्रृंगार
27 अगस्त (पूर्णिमा): बाबा का झूला श्रृंगार होगा।
श्रद्धालुओं के लिए मिलेंगी ये सुविधाएं
प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई इंतजाम किए हैं—
- गर्मी और उमस से राहत के लिए बड़े कूलर लगाए जाएंगे
- शीतल पेयजल और गुड़ की व्यवस्था होगी
- मेडिकल कैंप और ओआरएस की सुविधा उपलब्ध रहेगी
- वृद्ध, दिव्यांग और अशक्त श्रद्धालुओं के लिए ई-रिक्शा और गोल्फ कार्ट की व्यवस्था होगी
- खोया-पाया केंद्र बनाए जाएंगे
- धाम और गोदौलिया से मैदागिन तक पीए सिस्टम से सूचनाएं प्रसारित की जाएंगी
श्रद्धालुओं से प्रशासन की अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि दर्शन के लिए आने से पहले कुछ सावधानियां रखें। खाली पेट लंबी कतार में खड़े होने से बचें।
श्रद्धालुओं से कहा गया है कि वे मंदिर में स्मार्ट वॉच, पेन, ईयरफोन, तंबाकू, कॉस्मेटिक सामान और बड़े बैग लेकर न आएं।
इसके अलावा दर्शन कराने के नाम पर किसी व्यक्ति को पैसे न दें। यदि कोई व्यक्ति दर्शन के लिए धन की मांग करता है या प्रसाद लेने के लिए दबाव बनाता है तो उसकी शिकायत प्रशासन से करें।
सावन में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा और सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने सभी विभागों को जिम्मेदारी सौंप दी है।
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