सपा के पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव के ठिकानों पर ED का छापा, झांसी-लखनऊ में एक साथ कार्रवाई; मनी लॉन्ड्रिंग की जांच तेज

प्रवर्तन निदेशालय ने सपा के पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव के झांसी और लखनऊ स्थित ठिकानों पर मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छापेमारी की। ED ने आय से अधिक संपत्ति, अवैध खनन और कथित वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू की है।

लखनऊ/झांसी। समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार सुबह उनके झांसी और लखनऊ स्थित कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग, आय से अधिक संपत्ति और अन्य आपराधिक मामलों की जांच के तहत की गई है।

ED की टीमों ने सुबह करीब 6:30 बजे पूर्व विधायक और उनके सहयोगियों के आवासीय एवं व्यावसायिक परिसरों पर पहुंचकर तलाशी शुरू की। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के लिए पैरामिलिट्री फोर्स और पीएसी की तैनाती की गई।

मून सिटी समेत कई ठिकानों पर जांच

ईडी की टीम ने झांसी के ओरछा रोड स्थित मून सिटी, पूर्व विधायक के पैतृक गांव बुढ़ावली और अन्य स्थानों पर जांच की। इसके अलावा उनके निजी सहायक अशोक गोस्वामी के आवास और मोठ क्षेत्र में पूर्व चेयरमैन अनिरुद्ध यादव उर्फ बड़े राजा के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई।

लखनऊ में भी गोमती नगर समेत कई परिसरों में जांच की गई।

विजिलेंस की FIR के आधार पर शुरू हुई जांच

प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की एफआईआर के आधार पर दर्ज ईसीआईआर के तहत की गई है।

जांच एजेंसी का आरोप है कि पूर्व विधायक और उनसे जुड़े लोगों ने कथित तौर पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित की और अवैध तरीके से प्राप्त धन को विभिन्न माध्यमों से निवेश किया।

रियल एस्टेट और कंपनियों के जरिए धन शोधन का आरोप

ED की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कथित अपराध से अर्जित धन को रियल एस्टेट, निर्माण कार्यों और अन्य व्यावसायिक कंपनियों व एलएलपी के नेटवर्क के माध्यम से खपाने की कोशिश की गई।

तलाशी के दौरान टीम को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड मिलने की बात सामने आई है। इन्हें जांच के लिए कब्जे में लिया गया है।

23 से अधिक FIR और करीब 60 आपराधिक मामले

ED के मुताबिक, इस मामले में पीएमएलए के तहत सूचीबद्ध अपराधों से जुड़ी 23 से अधिक एफआईआर शामिल हैं। वहीं पूर्व विधायक और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में करीब 60 आपराधिक मामलों का भी उल्लेख किया गया है।

इन मामलों में धोखाधड़ी, जालसाजी, रंगदारी, हत्या के प्रयास, डकैती और गैंगस्टर एक्ट जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।

पूर्व विधायक से हुई पूछताछ

छापेमारी के दौरान ED अधिकारियों ने पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव से पूछताछ भी की। टीम ने मून सिटी स्थित आवास से मिले दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच शुरू कर दी है।

कार्रवाई के दौरान परिसर के बाहर सुरक्षा बल तैनात रहे और आने-जाने वालों पर निगरानी रखी गई।

पहले भी लग चुके हैं गंभीर आरोप

दीप नारायण सिंह यादव गरौठा विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के विधायक रह चुके हैं। उनके खिलाफ पहले भी गैंगस्टर एक्ट और अवैध खनन समेत कई मामलों में कार्रवाई हो चुकी है।

हालांकि, किसी भी आरोपी की दोषसिद्धि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगी। ED की कार्रवाई फिलहाल जांच का हिस्सा है।’

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