मशहद में सुपुर्द-ए-खाक हुए अयातुल्ला अली खामेनेई, अंतिम संस्कार में ट्रंप विरोधी नारे

Ayatollah Ali Khamenei Funeral: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को मशहद की इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। अंतिम संस्कार में हजारों लोग शामिल हुए और कई समर्थक ट्रंप विरोधी बैनर लिए नजर आए। ईरान खामेनेई की मौत के लिए अमेरिका को जिम्मेदार मानता है।

तेहरान। ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को गुरुवार को मशहद स्थित पवित्र इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। हजारों समर्थक अपने नेता को अंतिम विदाई देने के लिए सड़कों पर उमड़ पड़े। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में लोग अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विरोध में बैनर और नारे लगाते दिखाई दिए।

ईरान का आरोप है कि खामेनेई की मौत के पीछे अमेरिका और इजराइल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई जिम्मेदार है।

इमाम रजा दरगाह में हुई अंतिम रस्में

अंतिम संस्कार की रस्मों के तहत खामेनेई के शव को पहले इमाम रजा दरगाह परिसर में ले जाया गया। इसके बाद उन्हें दार अल-धिकर प्रार्थना हॉल में दफनाया गया।

उनके बड़े बेटे सैय्यद मुस्तफा खामेनेई ने अंतिम नमाज पढ़ाई। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, मशहद में भारी भीड़ के कारण शव को विशेष व्यवस्था के तहत हवाई मार्ग से पवित्र दरगाह तक पहुंचाया गया।

अंतिम यात्रा में उमड़ी हजारों की भीड़

ईरान के सरकारी मीडिया ने अंतिम यात्रा की कई तस्वीरें जारी कीं, जिनमें बड़ी संख्या में समर्थक काफिले के साथ चलते दिखाई दिए। लोग खामेनेई के समर्थन में नारे लगा रहे थे और उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे थे।

इस दौरान कई लोगों के हाथों में अमेरिका विरोधी और ट्रंप विरोधी बैनर नजर आए। इससे ईरान का रुख साफ दिखाई दिया कि वह खामेनेई की मौत के लिए अमेरिका को जिम्मेदार मान रहा है।

हालांकि अंतिम संस्कार में ईरान के नए सुप्रीम लीडर और खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई शामिल नहीं हुए।

अमेरिका-इजराइल हमले में मौत का दावा

ईरान के मुताबिक, अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले में हुई थी। उनकी मौत के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और संघर्ष बढ़ गया था।

इसके बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का नया सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया।

ट्रंप ने ईरान से बातचीत पर जताई नाराजगी

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ कूटनीतिक बातचीत को लेकर सख्त रुख अपनाया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ सीजफायर उनके लिए प्रभावी रूप से खत्म हो चुका है और अब वह तेहरान के साथ किसी नए समझौते में रुचि नहीं रखते।

तुर्की में नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत करना उनके लिए समय की बर्बादी है।

तनाव के बीच क्षेत्रीय राजनीति पर नजर

खामेनेई की मौत के बाद ईरान में सत्ता परिवर्तन हुआ है, वहीं अमेरिका और ईरान के बीच संबंधों में तनाव बना हुआ है। पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति को देखते हुए दोनों देशों के बीच आगे की कूटनीतिक गतिविधियों पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।

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