“NEET पेपर लीक विवाद और छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में विपक्षी सांसद बुधवार को काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे। कांग्रेस, सपा और टीएमसी नेताओं ने गृह मंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।“
नई दिल्ली। NEET पेपर लीक विवाद और दिल्ली में छात्र प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने बुधवार को केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध तेज कर दिया। मंगलवार को धरना-प्रदर्शन के बाद बुधवार को विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) समेत कई विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद परिसर के मकर द्वार पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने छात्रों के मुद्दे पर सरकार को घेरा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई।
राहुल गांधी भी काले कपड़ों में पहुंचे संसद
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे। उन्होंने अन्य विपक्षी सांसदों के साथ संसद के बाहर प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि NEET विवाद को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और विपक्षी नेताओं के साथ दिल्ली पुलिस ने कथित तौर पर अनुचित व्यवहार किया। इसी के विरोध में विपक्ष ने काले कपड़ों को विरोध का प्रतीक बनाया।
सपा सांसदों ने पहने काले स्कार्फ
समाजवादी पार्टी के सांसदों ने भी विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेते हुए काले स्कार्फ पहने। सपा प्रमुख अखिलेश यादव मंगलवार को राहुल गांधी के नेतृत्व में पीएम आवास के बाहर हुए प्रदर्शन में शामिल हुए थे, जिसके बाद उन्हें भी हिरासत में लिया गया था।
सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है और लोकतांत्रिक विरोध के अधिकारों का सम्मान नहीं किया जा रहा है।
कांग्रेस बोली- पुलिस कार्रवाई के विरोध में काले कपड़े
कांग्रेस सांसद के. सुरेश ने कहा कि काले कपड़े पहनकर विरोध करने का फैसला मंगलवार को हुए घटनाक्रम के विरोध में लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं और छात्रों के खिलाफ पुलिस ने सख्ती दिखाई।
उन्होंने कहा कि संसद के मकर द्वार पर प्रदर्शन सुरक्षा बलों की कथित कार्रवाई के खिलाफ असहमति दर्ज कराने का माध्यम है।
पेपर लीक और बेरोजगारी को लेकर सरकार पर हमला
राजद सांसद संजय यादव ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने NEET समेत प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं और बेरोजगारी के मुद्दे को उठाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि पारदर्शिता की मांग को लेकर आवाज उठाने वाले युवाओं के खिलाफ प्रशासन दमनात्मक रवैया अपना रहा है।
कई राज्यों में पहले भी हुए प्रदर्शन
इससे पहले मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन किए थे। ये प्रदर्शन राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य नेताओं को दिल्ली में हिरासत में लिए जाने के विरोध में किए गए थे।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
संसद में जारी है सत्ता पक्ष-विपक्ष के बीच टकराव
मानसून सत्र के तीसरे दिन भी NEET विवाद को लेकर संसद में हंगामे के आसार बने हुए हैं। विपक्ष लगातार चर्चा और जवाबदेही की मांग कर रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि वह इस मुद्दे पर सदन में चर्चा के लिए तैयार है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NEET पेपर लीक को ‘घोर पाप’ बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है, वहीं विपक्ष इस मामले में जिम्मेदारी तय करने की मांग पर अड़ा हुआ है।
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