“अयोध्या में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद और संत समाज की संयुक्त बैठक में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर चर्चा हुई। बैठक में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय को निर्दोष बताते हुए रामभक्तों से अफवाहों पर ध्यान न देने और एसआईटी जांच पर भरोसा रखने की अपील की गई।“
अयोध्या। राम मंदिर के चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस), विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और संत समाज की शुक्रवार को अयोध्या में संयुक्त बैठक हुई। मणिरामदास जी की छावनी स्थित राम सत्संग भवन में आयोजित इस बैठक में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय को इस पूरे मामले में निर्दोष बताते हुए उन्हें क्लीन चिट दी गई।
बैठक में कहा गया कि चंपत राय का चढ़ावा चोरी प्रकरण से कोई संबंध नहीं है और उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।
ट्रस्ट की साख बचाने पर हुई चर्चा
बैठक में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी की घटना के बाद देशभर के करोड़ों रामभक्तों के बीच पैदा हुए संदेह और अविश्वास पर भी चिंता व्यक्त की गई। वक्ताओं ने कहा कि इस घटना से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की छवि प्रभावित हुई है, जिसे बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
संतों और विहिप पदाधिकारियों ने कहा कि इस विषय पर अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं से बचना आवश्यक है।
रामभक्तों से SIT जांच पर भरोसा रखने की अपील
बैठक में मौजूद संत समाज ने श्रद्धालुओं और रामभक्तों से अपील की कि वे किसी भी तरह के दुष्प्रचार या अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें। उन्होंने कहा कि मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) कर रहा है और जांच पूरी होने तक सभी को धैर्य रखना चाहिए।
संतों ने कहा कि सत्य तथ्यों के आधार पर सामने आएगा, इसलिए जांच प्रक्रिया पर भरोसा बनाए रखना जरूरी है।
धार्मिक समिति के गठन का स्वागत
बैठक में राम मंदिर की दैनिक पूजा-अर्चना, आरती, भोग और अन्य धार्मिक आयोजनों के संचालन के लिए रामानंदी परंपरा के संतों से युक्त धार्मिक समिति के गठन का भी स्वागत किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि इससे मंदिर की धार्मिक परंपराओं का संरक्षण होगा और सभी अनुष्ठान निर्धारित परंपरा के अनुरूप संपन्न कराए जा सकेंगे।
संतों का किया गया सम्मान
बैठक के दौरान राम मंदिर की धार्मिक समिति में शामिल संतों का सम्मान भी किया गया। उपस्थित संतों ने मंदिर की धार्मिक व्यवस्थाओं को और अधिक सुव्यवस्थित बनाने तथा श्रद्धालुओं की आस्था को मजबूत बनाए रखने पर बल दिया।
आस्था बनाए रखने का संदेश
संयुक्त बैठक के अंत में संघ, विहिप और संत समाज ने एक स्वर में कहा कि रामभक्त किसी भी अफवाह या दुष्प्रचार से प्रभावित न हों। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से श्रीराम के प्रति अपनी आस्था बनाए रखने और कानून के अनुसार चल रही जांच प्रक्रिया पर विश्वास रखने की अपील की।
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